{"_id":"598608334f1c1b234c8b45f6","slug":"51501956147-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना पढ़ाई के ही गुजर गया जुलाई माह का अंतिम सप्ताह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना पढ़ाई के ही गुजर गया जुलाई माह का अंतिम सप्ताह
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। समायोजन रद्द किए जाने से नाराज जिले के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के आंदोलन से पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री का आश्वासन मिलने से पूर्व कई दिनों तक विद्यालयों में पढ़ाई बाधित रही। इसके चलते जुलाई माह का अंतिम सप्ताह बिना पढ़ाई के ही गुजर गया। वार्ता के बाद मुख्यमंत्री के आश्वासन पर शिक्षामित्र काम पर तो लौट आए हैं लेकिन अभी भी पहले की तरह पढ़ाई का माहौल विद्यालयों में नहीं बन पा रहा है।
समायोजन के प्रकरण से जिले में करीब ढाई हजार शिक्षामित्र प्रभावित हुए। समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षामित्रों की तरफ से आंदोलन के दौरान कई विद्यालयों में तालाबंदी के साथ ही धरना-प्रदर्शन किया गया। इस कारण प्राथमिक विद्यालयों में करीब एक सप्ताह तक पढ़ाई बाधित रही। कुछ ऐसे विद्यालय जहां शिक्षामित्रों के भरोसे पढ़ाई चल रही थी वहां पढ़ाई बिल्कुल ठप हो गई थी। शिक्षामित्रों के आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे वार्ता कर एक पखवारे में उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। करीब एक सप्ताह तक आंदोलित शिक्षामित्र आश्वासन पाकर काम पर लौट आए हैं लेकिन अभी भी पहले की तरह पढ़ाई का माहौल विद्यालयों में नहीं बन पा रहा है। शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक से नीचे के पद पर नौकरी करना मंजूर नहीं है। ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार के लिए शिक्षामित्र गले की हड्डी साबित हो रहे हैं। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि शिक्षामित्र काम पर लौट आए हैं। प्राथमिक विद्यालय में पठन-पाठन की स्थिति सामान्य हो गई है।
विज्ञापन
समायोजन के प्रकरण से जिले में करीब ढाई हजार शिक्षामित्र प्रभावित हुए। समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षामित्रों की तरफ से आंदोलन के दौरान कई विद्यालयों में तालाबंदी के साथ ही धरना-प्रदर्शन किया गया। इस कारण प्राथमिक विद्यालयों में करीब एक सप्ताह तक पढ़ाई बाधित रही। कुछ ऐसे विद्यालय जहां शिक्षामित्रों के भरोसे पढ़ाई चल रही थी वहां पढ़ाई बिल्कुल ठप हो गई थी। शिक्षामित्रों के आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे वार्ता कर एक पखवारे में उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। करीब एक सप्ताह तक आंदोलित शिक्षामित्र आश्वासन पाकर काम पर लौट आए हैं लेकिन अभी भी पहले की तरह पढ़ाई का माहौल विद्यालयों में नहीं बन पा रहा है। शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक से नीचे के पद पर नौकरी करना मंजूर नहीं है। ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार के लिए शिक्षामित्र गले की हड्डी साबित हो रहे हैं। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि शिक्षामित्र काम पर लौट आए हैं। प्राथमिक विद्यालय में पठन-पाठन की स्थिति सामान्य हो गई है।
विज्ञापन