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कर्मचारियों ने बुलंद की पुरानी पेंशन की मांग
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गाजीपुर। कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच की ओर से की ओर से की जा रही प्रदेश व्यापी महा हड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को भी पुरानी पेंशन की मांग बुलंद हुई। विकास भवन परिसर में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारी अब अपनी उपेक्षा सहन नहीं करेंगे। इस बार आर-पार की लड़ाई होगी। पुरानी पेंशन लागू कराए बगैर अब यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।
धरना सभा में मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अब सभी कर्मचारियों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर आगे आना चाहिए। जब तक हमें सफलता नहीं मिल जाती तब तक हम चुप नहीं बैठ सकते। संयोजक अंबिका प्रसाद दुबे ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। अगर किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सरकार ने दंडात्मक कार्रवाई की तो मंच खामोश नहीं बैठेगा। सरकार ने वादाखिलाफी कर कर्मचारियों को हड़ताल के लिए विवश किया है। सरकार की ओर से एस्मा लगाकर डराने की कोशिश की जा रही है। मांग पूरा होने तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर मुक्तेश्वर श्रीवास्तव, ओमप्रकाश यादव, अरुण पांडेय, भगवती तिवारी, अखिलेश यादव, सुरेंद्र प्रताप, उदयराज सिंह, प्रमोद मिश्रा, जितेंद्र यादव, मंगला प्रसाद, कन्हैया, रामअवध यादव, सत्येंद्र राय, गोपाल खरवार, पियूष श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, बबिता श्रीवास्तव, जमुना यादव, सुभाष सिंह, विरेंद्र सिंह, हिमानी चौधरी, प्रतिमा सिंह, अमिता शर्मा, ललिता यादव, सुमन सिंह, राजीव सिंह, सुबेदार यादव, अशोक सिंह, चंद्रिका यादव, ज्ञानेंद्र सिंह, बैजनाथ तिवारी, अनुराग सिंह, सत्येंद्र पाल, संजीव कुमार, खेदू शर्मा, सुरेंद्र सिंह आदि ने विचार व्यक्त किया। सभा का संचालन संयोजक अंबिका प्रसाद दुबे ने किया।
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धरना सभा में मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अब सभी कर्मचारियों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर आगे आना चाहिए। जब तक हमें सफलता नहीं मिल जाती तब तक हम चुप नहीं बैठ सकते। संयोजक अंबिका प्रसाद दुबे ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। अगर किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सरकार ने दंडात्मक कार्रवाई की तो मंच खामोश नहीं बैठेगा। सरकार ने वादाखिलाफी कर कर्मचारियों को हड़ताल के लिए विवश किया है। सरकार की ओर से एस्मा लगाकर डराने की कोशिश की जा रही है। मांग पूरा होने तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर मुक्तेश्वर श्रीवास्तव, ओमप्रकाश यादव, अरुण पांडेय, भगवती तिवारी, अखिलेश यादव, सुरेंद्र प्रताप, उदयराज सिंह, प्रमोद मिश्रा, जितेंद्र यादव, मंगला प्रसाद, कन्हैया, रामअवध यादव, सत्येंद्र राय, गोपाल खरवार, पियूष श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, बबिता श्रीवास्तव, जमुना यादव, सुभाष सिंह, विरेंद्र सिंह, हिमानी चौधरी, प्रतिमा सिंह, अमिता शर्मा, ललिता यादव, सुमन सिंह, राजीव सिंह, सुबेदार यादव, अशोक सिंह, चंद्रिका यादव, ज्ञानेंद्र सिंह, बैजनाथ तिवारी, अनुराग सिंह, सत्येंद्र पाल, संजीव कुमार, खेदू शर्मा, सुरेंद्र सिंह आदि ने विचार व्यक्त किया। सभा का संचालन संयोजक अंबिका प्रसाद दुबे ने किया।
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