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खुरपका और मुंहपका से कई पशुओं की मृत्यु
Updated Thu, 27 Sep 2018 11:01 PM IST
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मुहम्मदाबाद(गाजीपुर)। स्थानीय विकासखंड के फाकराबाद न्याय पंचायत के कई गांवों में पशुओं में खुरपका एवं मुंहपका रोग के फैल जाने से कई पशुओं की मौत हो गई। दर्जनों पशु इस बीमारी से जूझ रहे हैं।
फाकराबाद गांव में पशुओं के खुरपका, मुंहपका संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने से गांव के पशुपालक काफी चिन्तित हैं। सांसद प्रतिनिधि फाकराबाद निवासी ओमप्रकाश उपाध्याय के तीन पशु रोग की चपेट में हैं। उन्होंने बताया कि दो माह पूर्व ही गांव में इस रोग की शिकायत शुरू हो गई थी। पशु चिकित्सक को बुला कर दिखाया गया लेकिन उन्होंने इसे संक्रामक बीमारी मानने से इंकार कर दिया। गांव वालों के कहने के बावजूद पशुओं का टीकाकरण नहीं कराया गया जिसके फलस्वरूप गांव के पशुओं में रोग संक्रामक बीमारी की तरह फैल गया। इसकी चपेट में आने से ग्राम प्रधान रामकरन यादव की पड़िया एवं वीरेन्द्र गुप्ता की पड़िया काल कवलित हो गई। इसके अलावा जियालाल, उदयनारायन उपाध्याय, अनिरूद्ध सिंह, कन्हैया, ओमप्रकाश आदि के पशु खुरपका एवं मुंहपका बीमारी से पीड़ित हैं। फाकराबाद के अलावा कुवाडी, मोहनपुरा, सिलाइच आदि गांवों में भी पशुओं में बीमारी के फैल जाने से पशुपालक काफी परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि बरसात के मौसम में पशुओं में बीमारी फैलती है जिसके बचाव के लिए बरसात की शुरुआत में ही टीकाकरण का कार्यक्रम चलाया जाता है। सूचना के बावजूद विभाग की ओर से टीकाकरण नहीं कराये जाने से पशुपालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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फाकराबाद गांव में पशुओं के खुरपका, मुंहपका संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने से गांव के पशुपालक काफी चिन्तित हैं। सांसद प्रतिनिधि फाकराबाद निवासी ओमप्रकाश उपाध्याय के तीन पशु रोग की चपेट में हैं। उन्होंने बताया कि दो माह पूर्व ही गांव में इस रोग की शिकायत शुरू हो गई थी। पशु चिकित्सक को बुला कर दिखाया गया लेकिन उन्होंने इसे संक्रामक बीमारी मानने से इंकार कर दिया। गांव वालों के कहने के बावजूद पशुओं का टीकाकरण नहीं कराया गया जिसके फलस्वरूप गांव के पशुओं में रोग संक्रामक बीमारी की तरह फैल गया। इसकी चपेट में आने से ग्राम प्रधान रामकरन यादव की पड़िया एवं वीरेन्द्र गुप्ता की पड़िया काल कवलित हो गई। इसके अलावा जियालाल, उदयनारायन उपाध्याय, अनिरूद्ध सिंह, कन्हैया, ओमप्रकाश आदि के पशु खुरपका एवं मुंहपका बीमारी से पीड़ित हैं। फाकराबाद के अलावा कुवाडी, मोहनपुरा, सिलाइच आदि गांवों में भी पशुओं में बीमारी के फैल जाने से पशुपालक काफी परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि बरसात के मौसम में पशुओं में बीमारी फैलती है जिसके बचाव के लिए बरसात की शुरुआत में ही टीकाकरण का कार्यक्रम चलाया जाता है। सूचना के बावजूद विभाग की ओर से टीकाकरण नहीं कराये जाने से पशुपालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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