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जयप्रकाश की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
Updated Tue, 21 Aug 2018 11:52 PM IST
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सेवराई (गाजीपुर)। गहमर थाना क्षेत्र के मनिया गांव निवासी जयप्रकाश शर्मा सोमवार की रात अपनी दुकान पर गड़ासे की धार तेज करने के दौरान ग्लैंडर का पत्थर टूटकर सीने में घुसने से मौके पर ही मौत हो गई थी। उसकी मौत से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। साथ ही परिजनों के सामने पेट भरने का संकट खड़ा हो गया है।
मालूम हो कि मनिया गांव श्रीकिशुन शर्मा का पुत्र जयप्रकाश शर्मा (33) की गांव में ही फर्नीचर की दुकान है। वह इसी दुकान के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। सोमवार की रात करीब आठ बजे वह दुकान में गड़ासे की धार तेज कर रहा था। इसी दौरान ग्लैंडर का पत्थर टूटकर उसके सीने में घुस गया था। गंभीर रूप से घायल होने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दुर्घटना से उसके घर कोहराम मच गया था। दूसरे दिन मंगलवार की परिजनों की चीख-पुकार गूंजती रही। पत्नी सुनीता और मां बासमती देवी रो-रोकर बेहाल थी। सुनीता कभी रोते-रोते पूरी तरह से शांत हो जा रही थी तो कभी अपने बच्चों अनमोल शर्मा (12), आशीष शर्मा (6) और अंकिता (4) का चेहरा देख दहाड़े मारकर चीखने-चिल्लाने लग रही थी। वह बिलखते हुए बार-बार यही कह रही थी और बच्चों का पालन-पोषण कैसे करेगी। उसे सांत्वना देने वाली महिलाओं की आंखें भी छलछला जा रही थी।
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मालूम हो कि मनिया गांव श्रीकिशुन शर्मा का पुत्र जयप्रकाश शर्मा (33) की गांव में ही फर्नीचर की दुकान है। वह इसी दुकान के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। सोमवार की रात करीब आठ बजे वह दुकान में गड़ासे की धार तेज कर रहा था। इसी दौरान ग्लैंडर का पत्थर टूटकर उसके सीने में घुस गया था। गंभीर रूप से घायल होने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दुर्घटना से उसके घर कोहराम मच गया था। दूसरे दिन मंगलवार की परिजनों की चीख-पुकार गूंजती रही। पत्नी सुनीता और मां बासमती देवी रो-रोकर बेहाल थी। सुनीता कभी रोते-रोते पूरी तरह से शांत हो जा रही थी तो कभी अपने बच्चों अनमोल शर्मा (12), आशीष शर्मा (6) और अंकिता (4) का चेहरा देख दहाड़े मारकर चीखने-चिल्लाने लग रही थी। वह बिलखते हुए बार-बार यही कह रही थी और बच्चों का पालन-पोषण कैसे करेगी। उसे सांत्वना देने वाली महिलाओं की आंखें भी छलछला जा रही थी।
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