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जिले के 393 उपकेंद्रों में मात्र 136 ही सक्रिय
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Mon, 13 Jun 2016 11:20 PM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को सामान्य प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद में 393 उपकेंद्रों की स्थापना करायी गई है। जिसमें मात्र 136 उपकेंद्र ही क्रियाशील हैं, लेकिन यहां भी केवल एएनएम केवल टीका लगाती हैं। जबकि विभाग की ओर से सामान्य प्रसव के लिए सभी सुविधाएं इन सेंटरों पर उपलब्ध कराई गई है।शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
इसके तहत जनपद में नए प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना भी कराई जा रही है। बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित 393 उपकेंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल काफी दयनीय है। इसमें से 136 सेंटर ही क्रियाशील है, लेकिन यहां तैनात एएनएम सिर्फ औपचारिकता के तौर पर बुधवार और शनिवार को गर्भवती महिलाओं को टीका लगाती हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन उपकेद्रों पर सामान्य प्रसव की सभी सुविधा उपलब्ध हैं। जनपद के एक सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत करीब 20 उपकेंद्र हैं।
उपकेंद्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थापित करने का उद्देश्य सिर्फ यही था कि उस क्षेत्र के गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दिक्कत का सामना न करना पड़े। इसके लिए इन उपकेंद्रों पर एएनम के 467 पद सृजित हैं। जिनमें सिर्फ सात पद रिक्त है। 393 उपकेंद्रों पर 460 एएनम की तैनाती विभाग की ओर से की गई है। इसके बावजूद भी ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। सीएमओ डा. एमपी सिंह ने बताया कि जल्द ही निरीक्षण किया जाएगा। लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
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इसके तहत जनपद में नए प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना भी कराई जा रही है। बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित 393 उपकेंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल काफी दयनीय है। इसमें से 136 सेंटर ही क्रियाशील है, लेकिन यहां तैनात एएनएम सिर्फ औपचारिकता के तौर पर बुधवार और शनिवार को गर्भवती महिलाओं को टीका लगाती हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन उपकेद्रों पर सामान्य प्रसव की सभी सुविधा उपलब्ध हैं। जनपद के एक सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत करीब 20 उपकेंद्र हैं।
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उपकेंद्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थापित करने का उद्देश्य सिर्फ यही था कि उस क्षेत्र के गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दिक्कत का सामना न करना पड़े। इसके लिए इन उपकेंद्रों पर एएनम के 467 पद सृजित हैं। जिनमें सिर्फ सात पद रिक्त है। 393 उपकेंद्रों पर 460 एएनम की तैनाती विभाग की ओर से की गई है। इसके बावजूद भी ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। सीएमओ डा. एमपी सिंह ने बताया कि जल्द ही निरीक्षण किया जाएगा। लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो