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लंपी से बचाव के लिए 38 हजार टीके मिले, कल पहुंचेंगे केंद्रों पर

Sat, 17 Sep 2022 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 17 Sep 2022 11:54 PM IST
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38 thousand vaccines were found to prevent lumpi, will reach the centers tomorrow
प्रदेश के दूसरे जिलों में पशुओं में तेजी से फैल रही लंपी बीमारी को लेकर पशुपालन विभाग अलर्ट है। शासन की तरफ से पहले चरण में जनपद को 38 हजार टीका आवंटित किया गया है। जिसकी पहली खेप शनिवार को पशुपालन विभाग की टीम द्वारा लाया गया।
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सोमवार तक जिले के 14 सीमावर्ती केंद्रों पर टीका पहुंचाया जाएगा। सबसे पहले जनपद के सीमावर्ती गांवों समेत स्थायी और अस्थायी गो आश्रय स्थलों पर पशुओं का टीकाकरण होगा। पशुपालन विभाग की मानें तो जनपद में दो स्थायी और 31 अस्थायी गो- आश्रय स्थल हैं। इनमें करीब 2600 गोवंश हैं। इसके अलावा पांच गोशालाएं है, जिसमें 287 पशु रखे गए है। जनपद के सीमावर्ती गांवों के आस-पास 14 पशु अस्पताल हैं।
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करीब 20 हजार पशुओं को पहले चरण का टीकाकरण किया जाएगा। इन दिनों पशुओं में तेजी से लंपी बीमारी फैल रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है। हालांकि, जिले में अभी इस बीमारी के एक भी मामले नहीं आए है।
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वहीं, लंपी रोग से संबंधित पशुपालकों की मदद के लिए जनपद में डा. एसके बैस और डा. भूपेंद्र कुमार पाठक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। साथ ही कंट्रोल रूम स्थापित कर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। पशुओं में लंपी के लक्षण दिखाई देने पर एहतियातन नजदीकी पशु चिकित्सालय में संपर्क कर चिकित्सकों की सलाह लिया जाए।

लंपी रोग के लक्षण
यह एक विषाणु जनित संक्रामक बीमारी है। जो गाय और भैस में फैलती है। मक्खी, मच्छरों के काटने से बीमारी का प्रसार होता है। बीमारी से ग्रसित पशुओं को हल्का बुखार, पूरे शरीर पर जगह-जगह गांठ दिखाई देते हैं। इसमें पशुओं की मृत्यु दर एक से पांच फीसद तक होती है। बीमारी से ग्रसित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना। पशुओं को मक्खी, मच्छर आदि से बचाना और पशुशाला की नियमित सफाई करते रहना बेहद जरूरी है। पशुओं के शरीर में संक्रमित स्थान की दिन में कई बार फोरमेलिन, ईथर, क्लोरोफार्म अथवा एल्कोहन से सफाई करना चाहिए। संक्रमित पशुओं को संतुलित आहार व हरा चारा दें। यदि पशु की मृत्यु हो जाए तो उसे गहरा गड्ढा खोदकर दफनाएं।
लंपी बीमारी के रोकथाम के लिए सभी तैयारियां कर ली गई है। टीके की पहली खेप जिले को मिल गई है। सबसे पहले बार्डर के सेंटरों पर टीकाकरण शुरू होगा।
डा. एसके रावत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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