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पाठ्य सामग्री की कमी से 535 में से 301 छात्रों ने छोड़ दी नि:शुल्क कोचिंग

Fri, 26 Jan 2024 03:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jan 2024 03:45 AM IST
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301 out of 535 students left free coaching due to lack of study material
गाजीपुर। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग के लिए कुल 535 छात्रों ने पंजीयन कराया था। वर्तमान में इनकी उपस्थित केवल 234 की रह गई है। शेष 301 छात्रों ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की नि:शुल्क कोचिंग को छोड़ दिया है। इसकी मुख्य वजह सिविल सर्विसेज, नीट और जेईई की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पर्याप्त स्टडी मैटेरियल (पाठ्य सामग्री) नहीं मिलना है। जिससे यहां के छात्रों को बाहर की कोचिंग का सहारा लेना पड़ रहा है।
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2023 में वसंत पंचमी से शासन के निर्देश पर नगर में दो जगहों पर मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की शुरुआत की गई। नगर के कारगिल मार्केट स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय और गोराबाजार स्थित पीजी कॉलेज में अभ्युदय योजना केंद्र बनाए गए हैं। दोनों जगहों पर इस योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग कराई जाती है। कोचिंग छोड़ चुके छात्रों ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि शासन की ओर से जिस सुविधा को देने की बात कही जाती है, लेकिन वह सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। कहने को तो पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती है, लेकिन अधिकांश दिनों में शिक्षक कक्षाओं में नहीं आ पाते हैं। ऐसे में दूसरे जगह जाने के लिए विवश होना पड़ता है। राजकीय महिला महाविद्यालय केंद्र पर सिविल सर्विसेज के लिए 230 छात्रों का पंजीयन हुआ था। वर्तमान में 108 छात्र सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए आते हैं। जबकि पीजी कॉलेज केंद्र पर सिविल सर्विसेज के लिए 144, नीट 126 और जेईई की तैयारी के लिए 35 छात्रों ने पंजीयन कराया था। वर्तमान में सिविल सर्विसेज के लिए 64, नीट 46 और जेईई की प्रतियोगी परीक्षा के लिए 16 छात्र तैयारी कर रहे हैं। वहीं योजना के दोनों केंद्रों पर छात्रों को पढ़ाने के लिए छह शिक्षकों की तैनाती की गई है।
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क्या है मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना
योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। इसकी निगरानी खुद मुख्यमंत्री करते हैं। इसका मकसद गरीब वर्ग के छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराना है। 12वीं पास करने के बाद गरीब तबके के मेधावी छात्र धनाभाव के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते हैं, क्योंकि नीट, सिविल सर्विसेज आदि की कोचिंग काफी महंगी होती है।
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कौन कर सकता है आवेदन

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के लिए आवेदन करने की पहली शर्त यह है कि आवेदक गरीबी रेखा के नीचे का हो। आवेदन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, आय प्रमाण-पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण-पत्र और मार्कशीट होना चाहिए। इसके साथ ही फोटो और मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराना होता है।




अभ्युदय केंद्र पंजीकृत छात्रों की संख्या उपस्थित छात्रों की संख्या

महिला महाविद्यालय 230 108



पीजी कॉलेज 305 126





मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत नगर में दो केंद्र बनाए गए हैं। जहां पर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नि:शुल्क कराई जाती है। -रामनगीना यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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