{"_id":"5bbb9438867a55286b340581","slug":"21539019832-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्र के लिए सजने लगे देवी के धाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवरात्र के लिए सजने लगे देवी के धाम
Updated Mon, 08 Oct 2018 11:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। शारदीय नवरात्र की शुरूआत बुधवार से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले मां शेरा वाली के पूजन-अर्चन की तैयारी श्रद्धालुओं द्वारा शुरु कर दी गई है। नवरात्र के पहले दिन गहमर स्थित मां कामाख्या धाम, करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी देवी, दिलदारनगर स्थित सायर माई, रेवतीपुर स्थित मां भगवती देवी, बहादुरगंज स्थित मां चंडी धाम, सैदपुर स्थित काली मंदिर, मुहम्मदाबाद स्थित मनोकामना देवी सहित जिले के अन्य प्रसिद्ध देवी मंदिरों में भक्तों का रेला उमड़ेगा। भक्त मां की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। भक्तों को किसी प्रकार की दिक्कत-परेशानी न हो, इसकी तैयारी में मंदिर समिति के लोग पूरे मनोयोग से लगे हुए हैं।
नवरात्र में लगातार नौ दिनों तक जहां अधिकांश घरों में लोग कलश की स्थापना कर पूजन-अर्चन करते हैं। वहीं देवी मां के दरबार भी दर्शन-पूजन की धूम रहती है। पर्व को देखते हुए जिले के प्राय: सभी देवी मंदिरों में कई दिनों से इसकी तैयारी की जा रही है। एशिया के बड़े गांवों में शामिल गहमर स्थित आदि शक्ति मां कामाख्या धाम पूर्वांचल के लोगों के आस्था एवं विश्वास का केंद्र है। शक्ति पीठों में अलग महत्व रखने वाला यह धाम अपने आप में तमाम पौराणिक इतिहास समेटे हुए है। पूरे नवरात्र भर यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत-परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर प्रशासन की तरफ से तैयारी की जा रही है। कई दिनों से मंदिर में रंग-रोगन के साथ ही साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा नगर के नवाबगंज स्थित मां शीतला मंदिर, हमीद सेतु स्थित मां काली मंदिर, मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, जलनिगम स्थित मां शीतला मंदिर, रेवतीपुर स्थित मां भगवती, दिलदारनगर स्थित सायर माता मंदिर, करीमुद्दीनपुर स्थित मंगला भवानी, सैदपुर तहसील स्थित मां काली मंदिर, बहरियाबाद स्थित टड़वा भवानी सहित अन्य देवी मंदिरों में पिछले कई दिनों से नवरात्र की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
नवरात्र में लगातार नौ दिनों तक जहां अधिकांश घरों में लोग कलश की स्थापना कर पूजन-अर्चन करते हैं। वहीं देवी मां के दरबार भी दर्शन-पूजन की धूम रहती है। पर्व को देखते हुए जिले के प्राय: सभी देवी मंदिरों में कई दिनों से इसकी तैयारी की जा रही है। एशिया के बड़े गांवों में शामिल गहमर स्थित आदि शक्ति मां कामाख्या धाम पूर्वांचल के लोगों के आस्था एवं विश्वास का केंद्र है। शक्ति पीठों में अलग महत्व रखने वाला यह धाम अपने आप में तमाम पौराणिक इतिहास समेटे हुए है। पूरे नवरात्र भर यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत-परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर प्रशासन की तरफ से तैयारी की जा रही है। कई दिनों से मंदिर में रंग-रोगन के साथ ही साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा नगर के नवाबगंज स्थित मां शीतला मंदिर, हमीद सेतु स्थित मां काली मंदिर, मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, जलनिगम स्थित मां शीतला मंदिर, रेवतीपुर स्थित मां भगवती, दिलदारनगर स्थित सायर माता मंदिर, करीमुद्दीनपुर स्थित मंगला भवानी, सैदपुर तहसील स्थित मां काली मंदिर, बहरियाबाद स्थित टड़वा भवानी सहित अन्य देवी मंदिरों में पिछले कई दिनों से नवरात्र की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन