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लोक अदालत में 33
Updated Sat, 08 Sep 2018 10:36 PM IST
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गाजीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रभारी जिला न्यायाधीश सतीश कुमार- द्वितीय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में अलग-अलग प्रकार के कुल 19417 मामले निस्तारण के लिए नियत किए गए थे। इसमें सुलह समझौता एवं संस्वीकृति के आधार पर कुल 3387 वाद अंतिम रुप से निस्तारित किए गए। इसमें राजस्व विभाग आदि के 2137 मामले एवं विभिन्न न्यायालयों के 594 वादों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रकरण में प्रतिकर तथा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र एवं अन्य मामलों में कुल 377,64,002 रुपये के संबंध में आदेश न्यायालय की ओर से पारित किया गया। जिले के टेलीफोन एवं विभिन्न बैंक के बकाया ऋण संबंधी प्रीलिटिगेशन के कुल 658 मामले निस्तारित किए गए। इसमें 399,05,144 रुपये के बकाये ऋण की वसूली की गई। इस मौके पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत में निस्तारित किए गए मामलों की कोई अपील निगरानी आदि नहीं होती है। इससे सामाजिक समरसता बनी रहती है। प्राधिकरण के सचिव-सिविल जज संजय कुमार सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण के लिए नियत वादों की विस्तृत रुपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर यूबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय नारायण तथा अन्य बैंकों के शाखा प्रबंधक, बीएसएनएल बीमा कंपनियों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
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लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रकरण में प्रतिकर तथा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र एवं अन्य मामलों में कुल 377,64,002 रुपये के संबंध में आदेश न्यायालय की ओर से पारित किया गया। जिले के टेलीफोन एवं विभिन्न बैंक के बकाया ऋण संबंधी प्रीलिटिगेशन के कुल 658 मामले निस्तारित किए गए। इसमें 399,05,144 रुपये के बकाये ऋण की वसूली की गई। इस मौके पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत में निस्तारित किए गए मामलों की कोई अपील निगरानी आदि नहीं होती है। इससे सामाजिक समरसता बनी रहती है। प्राधिकरण के सचिव-सिविल जज संजय कुमार सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण के लिए नियत वादों की विस्तृत रुपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर यूबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय नारायण तथा अन्य बैंकों के शाखा प्रबंधक, बीएसएनएल बीमा कंपनियों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
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