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डाक्टरों की देख-रेख में ट्रेन में महिला ने जना बच्चा
Updated Thu, 21 Jun 2018 11:04 PM IST
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सेवराई (गाजीपुर)। दिल्ली से इस्लामपुर जा रही 12402 डाउन मगध एक्सप्रेस के जनरल कोच में अपने पति अमरनाथ के साथ जा रही एक गर्भवती महिला अचानक प्रसव पीड़ा से तड़पने लगी। इसकी जानकारी होने पर सुरक्षाकर्मियों की मदद से डाक्टर की देखरेख में बक्सर स्टेशन पर ट्रेन में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। इस दौरान ट्रेन को आधे घंटे तक रोका गया और फिर जच्चा बच्चा को सकुशल भेजा गया।
दिल्ली से डाउन मगध एक्सप्रेस के जनरल कोच में अपने पति अमरनाथ के साथ इस्लामपुर जा रही रीमा देवी (35) को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगा। वह दर्द से चिल्लाने लगी। वह प्रसव के लिए अपने गांव जा रही थी, लेकिन दिलदारनगर स्टेशन पर ही उसकी हालत बिगड़ने लगी। इसे बाद उसकी प्रसव पीड़ा तेज होती गई। इसकी जानकारी ट्रेन में चल रहे सुरक्षा कर्मियों को दी गई। सुरक्षा कर्मियों ने इसकी सूचना रेलवे अधिकारी को दी। जानकारी होते ही रेल अधिकारी ने बक्सर स्टेशन पर डाक्टरों को भेजा। बक्सर स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही सुरक्षा कर्मियों ने कोच को घेर लिया और एक सीट खाली करा कर सबको नीचे उतार दिया गया। सुरक्षित प्रसव होने के बाद प्रसूता को दवा दी गई। इस दौरान आधे घंटे तक ट्रेन खड़ी रही। उसकी तबीयत ठीक होने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। रेलवे स्टेशन पर डा. हक के नेतृत्व में राजेश कुमार, पूनम, रामदया, सुरक्षाकर्मी अनिमेश कुमार, राजू प्रसाद की मानवता को लेकर लोगों ने प्रशंसा की। रेलवे की एक त्वरित कार्यवाही से जच्चा और बच्चा दोनों की जान बच गई।
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दिल्ली से डाउन मगध एक्सप्रेस के जनरल कोच में अपने पति अमरनाथ के साथ इस्लामपुर जा रही रीमा देवी (35) को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगा। वह दर्द से चिल्लाने लगी। वह प्रसव के लिए अपने गांव जा रही थी, लेकिन दिलदारनगर स्टेशन पर ही उसकी हालत बिगड़ने लगी। इसे बाद उसकी प्रसव पीड़ा तेज होती गई। इसकी जानकारी ट्रेन में चल रहे सुरक्षा कर्मियों को दी गई। सुरक्षा कर्मियों ने इसकी सूचना रेलवे अधिकारी को दी। जानकारी होते ही रेल अधिकारी ने बक्सर स्टेशन पर डाक्टरों को भेजा। बक्सर स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही सुरक्षा कर्मियों ने कोच को घेर लिया और एक सीट खाली करा कर सबको नीचे उतार दिया गया। सुरक्षित प्रसव होने के बाद प्रसूता को दवा दी गई। इस दौरान आधे घंटे तक ट्रेन खड़ी रही। उसकी तबीयत ठीक होने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। रेलवे स्टेशन पर डा. हक के नेतृत्व में राजेश कुमार, पूनम, रामदया, सुरक्षाकर्मी अनिमेश कुमार, राजू प्रसाद की मानवता को लेकर लोगों ने प्रशंसा की। रेलवे की एक त्वरित कार्यवाही से जच्चा और बच्चा दोनों की जान बच गई।
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