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एंटी रेबीज वैक्सीन के लिए मरीजों ने किया हंगामा
Updated Tue, 01 May 2018 10:56 PM IST
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जमानिया(गाजीपुर)। स्थानीय नगरपालिका स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रैबीज वैक्सीन को लेकर आए दिन हायतौबा मच रही है। मंगलवार को दूरदराज से आए मरीजों ने जमकर हो-हल्ला किया। सूचना पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई। जबकि 68 मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
सुबह से ही मरीज अस्पताल खुलने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही अस्पताल खुला, मरीजों की भीड़ लग गई। मरीजों ने एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने के लिए हो-हल्ला शुरू कर दिया। मरीजों और उनके अभिभावकों को हो-हल्ला करता देख अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से मरीजों एवं उनके परिजनों को समझाया। इसके बाद, पुलिस की मौजूदगी में करीब 72 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। 68 मरीजों को वापस लौटना पड़ा। टिसौरा निवासी मरीज भानूप्रताप, आंचल, लोदीपुर की समुंदरी देवी, कसेरा पोखरा के अभिषेक यादव, मतसा निवासी विजयी यादव आदि ने बताया कि कुछ दिन पहले प्रतिदिन वैक्सीन लगाया जा रहा था। अब घटाकर सप्ताह में दो दिन कर दिया गया है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। मरीजों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन जानबूझ कर वैक्सीन उपलब्ध नहीं करा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. अनिल कुमार रत्नेश ने बताया कि अगर कुत्ता बिल्ली घोड़ा नेवला या बंदर पैर के ऊपरी हिस्से में काटता है तो इलाज फौरन मिलनी चाहिए, वर्ना रैबीज के फैलने की संभावना ज्यादा रहती है। पैर के निचले हिस्से में काटता है तो 15 दिन के अंदर मरीज को एंटी रैबीज वैक्सीन दवा लेनी चाहिए। वर्तमान समय में जिले से एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिल पा रही है। इस कारण दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को केंद्र पर वैक्सीन लगाया जा रहा है। केंद्र पर बिहार सहित आसपास के दर्जनों गांव का दबाव है।
सुबह से ही मरीज अस्पताल खुलने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही अस्पताल खुला, मरीजों की भीड़ लग गई। मरीजों ने एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने के लिए हो-हल्ला शुरू कर दिया। मरीजों और उनके अभिभावकों को हो-हल्ला करता देख अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से मरीजों एवं उनके परिजनों को समझाया। इसके बाद, पुलिस की मौजूदगी में करीब 72 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। 68 मरीजों को वापस लौटना पड़ा। टिसौरा निवासी मरीज भानूप्रताप, आंचल, लोदीपुर की समुंदरी देवी, कसेरा पोखरा के अभिषेक यादव, मतसा निवासी विजयी यादव आदि ने बताया कि कुछ दिन पहले प्रतिदिन वैक्सीन लगाया जा रहा था। अब घटाकर सप्ताह में दो दिन कर दिया गया है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। मरीजों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन जानबूझ कर वैक्सीन उपलब्ध नहीं करा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. अनिल कुमार रत्नेश ने बताया कि अगर कुत्ता बिल्ली घोड़ा नेवला या बंदर पैर के ऊपरी हिस्से में काटता है तो इलाज फौरन मिलनी चाहिए, वर्ना रैबीज के फैलने की संभावना ज्यादा रहती है। पैर के निचले हिस्से में काटता है तो 15 दिन के अंदर मरीज को एंटी रैबीज वैक्सीन दवा लेनी चाहिए। वर्तमान समय में जिले से एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिल पा रही है। इस कारण दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को केंद्र पर वैक्सीन लगाया जा रहा है। केंद्र पर बिहार सहित आसपास के दर्जनों गांव का दबाव है।
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