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अस्पताल में पीने के लिए शुद्ध जल तक नहीं
Updated Sun, 29 Apr 2018 12:16 AM IST
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गाजीपुर। जिला अस्पताल में अगर आप अपना इलाज कराने जा रहे हैं तो पानी का बोतल अपने साथ जरूर ले जाएं। वजह गला तर करने के लिए पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ेगा। तेज धूप और भीषण गर्मी में पानी की समस्या से बाहरी और भर्ती मरीजों को आए दिन जूझना पड़ रहा है। वजह अस्पताल परिसर में लगा आरओ प्लांट कई दिनों से बंद पड़ा है और शुद्ध पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है। अस्पताल में एक हैंडपंप के सहारे पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। जबकि सीएमएस का कहना है कि किस-किस व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
आलम यह है कि वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को पीने के पानी के लिए बाहर स्थित दुकानों से बोतल का पानी खरीदना पड़ रहा है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से वार्डों में भर्ती होकर इलाज करा रहे मरीजों को हैंडपंप का पानी सेवन करना महंगा पड़ सकता है। जबकि अस्पताल प्रशासन चिकित्सकीय सुविधा के साथ भर्ती मरीजों को बेहतर व्यवस्था देने का दावा करता है लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ अलग ही है। यहीं नहीं वार्डों में भी पानी की व्यवस्था सुचारू नहीं है। शनिवार को जिला अस्पताल इलाज कराने पहुंचे मरदह निवासी राहुल कुमार, जंगीपुर निवासी गुड्डू गुप्ता, अरखपुर निवासी दुर्गेश सिंह आदि ने बताया कि इस भीषण गर्मी और धूप से तो मरीज बेहाल हो जा रहे हैं, ऐसे में पानी की व्यवस्था नहीं होने से गला तर करने के लिए दुकानों से महंगे दामों पर पानी का बोतल खरीदना पड़ रहा है। जब बाहरी मरीजों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है तो भर्ती मरीजों का क्या हाल होगा। बताया कि सिर्फ कहने को 200 बेड का नया अस्पताल है लेकिन यहां चिकित्सकीय सुविधा के साथ सामान्य सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। डॉ. एसएन प्रसाद ने बताया कि धीरे-धीरे सभी व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी। जल्द ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी। आरओ प्लांट की टोटी टूटने से बंद पड़ा हुआ है।
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आलम यह है कि वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को पीने के पानी के लिए बाहर स्थित दुकानों से बोतल का पानी खरीदना पड़ रहा है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से वार्डों में भर्ती होकर इलाज करा रहे मरीजों को हैंडपंप का पानी सेवन करना महंगा पड़ सकता है। जबकि अस्पताल प्रशासन चिकित्सकीय सुविधा के साथ भर्ती मरीजों को बेहतर व्यवस्था देने का दावा करता है लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ अलग ही है। यहीं नहीं वार्डों में भी पानी की व्यवस्था सुचारू नहीं है। शनिवार को जिला अस्पताल इलाज कराने पहुंचे मरदह निवासी राहुल कुमार, जंगीपुर निवासी गुड्डू गुप्ता, अरखपुर निवासी दुर्गेश सिंह आदि ने बताया कि इस भीषण गर्मी और धूप से तो मरीज बेहाल हो जा रहे हैं, ऐसे में पानी की व्यवस्था नहीं होने से गला तर करने के लिए दुकानों से महंगे दामों पर पानी का बोतल खरीदना पड़ रहा है। जब बाहरी मरीजों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है तो भर्ती मरीजों का क्या हाल होगा। बताया कि सिर्फ कहने को 200 बेड का नया अस्पताल है लेकिन यहां चिकित्सकीय सुविधा के साथ सामान्य सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। डॉ. एसएन प्रसाद ने बताया कि धीरे-धीरे सभी व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी। जल्द ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी। आरओ प्लांट की टोटी टूटने से बंद पड़ा हुआ है।
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