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नवरात्र के अंतिम दिन देवी का दर्शन कर धन्य हुए भक्त
Updated Sun, 25 Mar 2018 10:47 PM IST
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गाजीपुर।
चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन रविवार को शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मां दुर्गा के दरबार में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा। मां का दर्शन कर भक्त धन्य हो गए। शेरावाली से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए मन्नतें मांगीं। शक्ति स्वरूपा के जयकारे और घंट-घड़ियाल बजने से मंदिरों के आसपास का वातावरण पूरी तरह देवीमय बना रहा। घरों में कलश स्थापित कर पूरी रात मां की आराधना की गई। विशेष किस्म का पकवान बनाकर उनके चरणों में अर्पित किया गया। सुबह लोगों ने हवन-पूजन कराया।
शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, हमीद सेतु स्थित मां काली मंदिर, नवाबगंज स्थित मां शीतला मंदिर, महुआबाग स्थित दुर्गा मंदिर, सिद्धेश्वरनगर स्थित मां दुर्गा मंदिर, स्टेशन परिसर स्थित दुर्गा मंदिर, रौजा जल निगम कालोनी स्थित मां शीतला मंदिर, बूढ़ा महादेवा स्थित दुर्गा मंदिर, चांड़ीपुर स्थित मां चंडिका भवानी सहित अन्य देवी मंदिरों में शेरावाली के पूजन-अर्चन की धूम मची रही। गहमर संवाददाता के अनुसार, करहिया स्थित प्रसिद्ध मां कामाख्या धाम में अंतिम दिन भक्तों का रेला उमड़ा। सुबह से लेकर देर शाम तक दर्शन-पूजन करने वालों की भीड़ लगी रही। करीमुद्दीनपुर संवाददाता के अनुसार, मां कष्टहरणी भवानी के दरबार में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। महागौरी का पूजन-अर्चन कर परिवार की खुशहाली की मां से प्रार्थना की। सेवराई और सुहवल संवाददाता के अनुसार, रेवतीपुर स्थित मां भगवती का दरबार पूरे दिन भक्तों से गुलजार रहा। दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार, रेलवे स्टेशन पर स्थित सायर माता मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, तहसील परिसर में स्थित मनोकामना देवी, शाहनिंदा स्थित काली माई मंदिर और अमवा की सती माई धाम पर सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुंचे। बहादुरगंज स्थित चंडी माता मंदिर, जखनिया स्थित सिद्धपीठ हथियाराम मठ स्थित बुद्धाम्बिका देवी बुढ़िया माई, देवकली के गंगा के तटवर्ती क्षेत्र चकेरी धाम में स्थापित दुर्गा मंदिर, सैदपुर तहसील के पीछे स्थित मां काली मंदिर, बहरियाबाद के हुसेनपुर मुर्थान स्थित मां टड़वा भवानी मंदिर, भांवरकोल स्थित मां पूर्वागिरी मंदिर में पूरे दिन दर्शन-पूजन का क्रम चलता रहा। इसके अलावा, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर, कासिमाबाद, दुबिहा, नोनहरा, मनिहारी, सादात, भीमापार, मतसा, जमानिया, करंडा, नंदगंज, खानपुर, औड़िहार सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में देवी के दर्शन-पूजन की धूम मची रही।
व्रतियों ने कुंआरी कन्याओं को भोजन करा किया पारन
सुख, शांति और शक्ति की कामना को लेकर किया गया नवरात्र का व्रत रविवार को संपन्न हुआ। इस मौके पर कई व्रती महिलाओं ने कुंआरी कन्याओं को घर बुलाकर भोजन कराया। इसके बाद खुद पारन कर नौ दिनों तक चले व्रत को समाप्त किया। कई मंदिरों में भी कुंवारी कन्याओं का पांव पखार उन्हें भोजन कराया गया। नवरात्र में कुंआरी कन्याओं का पूजन देवी के रूप में किया जाता है। इन्हें भोजन, फल, कपड़ा तथा मुद्रा आदि देकर प्रसन्न किया जाता है। व्रती महिलाओं तथा पुरुषों ने घर-घर में कन्या भोज का आयोजन किया। गोड़ा देहाती स्थित गायत्री शक्तिपीठ और लंका स्थित राम-जानकी मंदिर में रामनवमी के मौके पर हवन-पूजन के बाद कुंआरी कन्याओं का पांव पखारने के बाद भोजन कराया गया। राम-जानकी मंदिर के महंत अखिलेश्वर दास ने खुद अपने हाथों से कन्याओं को भोजन परोसा। इसके अलावा, कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों और घरों में लोगों ने कुंआरी कन्याओं को भोजन कराया।
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चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन रविवार को शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मां दुर्गा के दरबार में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा। मां का दर्शन कर भक्त धन्य हो गए। शेरावाली से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए मन्नतें मांगीं। शक्ति स्वरूपा के जयकारे और घंट-घड़ियाल बजने से मंदिरों के आसपास का वातावरण पूरी तरह देवीमय बना रहा। घरों में कलश स्थापित कर पूरी रात मां की आराधना की गई। विशेष किस्म का पकवान बनाकर उनके चरणों में अर्पित किया गया। सुबह लोगों ने हवन-पूजन कराया।
शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, हमीद सेतु स्थित मां काली मंदिर, नवाबगंज स्थित मां शीतला मंदिर, महुआबाग स्थित दुर्गा मंदिर, सिद्धेश्वरनगर स्थित मां दुर्गा मंदिर, स्टेशन परिसर स्थित दुर्गा मंदिर, रौजा जल निगम कालोनी स्थित मां शीतला मंदिर, बूढ़ा महादेवा स्थित दुर्गा मंदिर, चांड़ीपुर स्थित मां चंडिका भवानी सहित अन्य देवी मंदिरों में शेरावाली के पूजन-अर्चन की धूम मची रही। गहमर संवाददाता के अनुसार, करहिया स्थित प्रसिद्ध मां कामाख्या धाम में अंतिम दिन भक्तों का रेला उमड़ा। सुबह से लेकर देर शाम तक दर्शन-पूजन करने वालों की भीड़ लगी रही। करीमुद्दीनपुर संवाददाता के अनुसार, मां कष्टहरणी भवानी के दरबार में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। महागौरी का पूजन-अर्चन कर परिवार की खुशहाली की मां से प्रार्थना की। सेवराई और सुहवल संवाददाता के अनुसार, रेवतीपुर स्थित मां भगवती का दरबार पूरे दिन भक्तों से गुलजार रहा। दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार, रेलवे स्टेशन पर स्थित सायर माता मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, तहसील परिसर में स्थित मनोकामना देवी, शाहनिंदा स्थित काली माई मंदिर और अमवा की सती माई धाम पर सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुंचे। बहादुरगंज स्थित चंडी माता मंदिर, जखनिया स्थित सिद्धपीठ हथियाराम मठ स्थित बुद्धाम्बिका देवी बुढ़िया माई, देवकली के गंगा के तटवर्ती क्षेत्र चकेरी धाम में स्थापित दुर्गा मंदिर, सैदपुर तहसील के पीछे स्थित मां काली मंदिर, बहरियाबाद के हुसेनपुर मुर्थान स्थित मां टड़वा भवानी मंदिर, भांवरकोल स्थित मां पूर्वागिरी मंदिर में पूरे दिन दर्शन-पूजन का क्रम चलता रहा। इसके अलावा, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर, कासिमाबाद, दुबिहा, नोनहरा, मनिहारी, सादात, भीमापार, मतसा, जमानिया, करंडा, नंदगंज, खानपुर, औड़िहार सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में देवी के दर्शन-पूजन की धूम मची रही।
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व्रतियों ने कुंआरी कन्याओं को भोजन करा किया पारन
सुख, शांति और शक्ति की कामना को लेकर किया गया नवरात्र का व्रत रविवार को संपन्न हुआ। इस मौके पर कई व्रती महिलाओं ने कुंआरी कन्याओं को घर बुलाकर भोजन कराया। इसके बाद खुद पारन कर नौ दिनों तक चले व्रत को समाप्त किया। कई मंदिरों में भी कुंवारी कन्याओं का पांव पखार उन्हें भोजन कराया गया। नवरात्र में कुंआरी कन्याओं का पूजन देवी के रूप में किया जाता है। इन्हें भोजन, फल, कपड़ा तथा मुद्रा आदि देकर प्रसन्न किया जाता है। व्रती महिलाओं तथा पुरुषों ने घर-घर में कन्या भोज का आयोजन किया। गोड़ा देहाती स्थित गायत्री शक्तिपीठ और लंका स्थित राम-जानकी मंदिर में रामनवमी के मौके पर हवन-पूजन के बाद कुंआरी कन्याओं का पांव पखारने के बाद भोजन कराया गया। राम-जानकी मंदिर के महंत अखिलेश्वर दास ने खुद अपने हाथों से कन्याओं को भोजन परोसा। इसके अलावा, कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों और घरों में लोगों ने कुंआरी कन्याओं को भोजन कराया।
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