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चिकित्सकों की तैनाती नहीं होने से मरीजों का हो रहा मोह भंग
Updated Sat, 10 Feb 2018 11:16 PM IST
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बारा। करीब छह माह से चिकित्सकों की तैनाती स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर न होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि मरीजों को इलाज के लिए 15 किमी की दूरी तय कर बिहार प्रांत के बक्सर जिले में जाना पड़ता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदौरा की तरफ रुख करना पड़ा रहा है। ऐसे में करीब छह गांव के सैकड़ों लोगों को चिकित्सकीय सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बेहतर चिकित्सकीय सुविधा पहुंचाने के लिए शासन की ओर से लाख प्रयास के बावजूद भी चिकित्सकों की कमी दूर होती नहीं दिख रही है। फिलहाल शासन की ओर से नए करीब 20 से 25 चिकित्सकों की नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग में की गई है। लेकिन आज तक एडिशन पीएचसी पर चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई। इसके चलते कुत्तुबपुर, मगरखाई, हरकरनपुर, रोईनी, भतौरा सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को इलाज के लिए 15 किमी दूरी तय करना पड़ता है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों की तैनाती के लिए कई बार क्षेत्रीय लोगों ने अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद भी आज तक उनकी शिकायत पर चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई। चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पाने के चलते लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेने पड़ता है। सबसे मजे की बात तो यह है कि स्वास्थ्य विभाग अपनी कागजी खानापूर्ति में इस पीएचसी को बेहतर चलने की बात शासन को बतलाता है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. जीसी मौर्या ने बताया कि चिकित्सक की तैनाती के निर्देश दे दिए गए है।
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बेहतर चिकित्सकीय सुविधा पहुंचाने के लिए शासन की ओर से लाख प्रयास के बावजूद भी चिकित्सकों की कमी दूर होती नहीं दिख रही है। फिलहाल शासन की ओर से नए करीब 20 से 25 चिकित्सकों की नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग में की गई है। लेकिन आज तक एडिशन पीएचसी पर चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई। इसके चलते कुत्तुबपुर, मगरखाई, हरकरनपुर, रोईनी, भतौरा सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को इलाज के लिए 15 किमी दूरी तय करना पड़ता है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों की तैनाती के लिए कई बार क्षेत्रीय लोगों ने अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद भी आज तक उनकी शिकायत पर चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई। चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पाने के चलते लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेने पड़ता है। सबसे मजे की बात तो यह है कि स्वास्थ्य विभाग अपनी कागजी खानापूर्ति में इस पीएचसी को बेहतर चलने की बात शासन को बतलाता है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. जीसी मौर्या ने बताया कि चिकित्सक की तैनाती के निर्देश दे दिए गए है।
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