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Ghazipur News: खतौनी के लिए 15 की जगह लिए जा रहे 20 रुपये

Wed, 14 Aug 2024 12:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 14 Aug 2024 12:14 AM IST
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20 rupees are being charged for Khatauni instead of 15 rupees.
गाजीपुर। सत्यापित खतौनी जारी करने के लिए 15 की जगह 20 रुपये खुलेआम लिया जा रहा है। जबकि सरकारी खजाने में निर्धारित 15 रुपये के ही हिसाब से जमा हो रहा है। बाकी पांच रुपये प्रति खतौनी संबंधित कर्मचारी की जेब में जा रहे हैं। किसानो का आरोप है कि एतराज जताने पर बैरंग लौटा दिया जाता है।
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राजस्व विभाग की नई व्यवस्था के तहत इस समय किसानों को कोई भी सरकारी कार्य के लिए उन्हें तहसील की प्रमाणित खतौनी लगानी पड़ रही है। इस समय अलग-अलग गाटा होने के साथ काश्तकारों के नाम अलग करने से उनका हिस्सा भी अलग-अलग कर दिया गया है। यही कारण है कि अब खतौनी निकालने में काश्तकारों को मेहनत करनी पड़ रही है। पहले एक ही गाटे में सभी किसानों के नाम संयुक्त होते थे और एक ही खतौनी में सभी के नाम होते थे। इससे एक ही खतौनी से उनका काम चल जाता था। अब अलग-अलग खतौनी निकालने के कारण उन्हें प्रत्येक खतौनी के 20 रुपये देने पड़ रहे हैं। कोई ऐसा किसान नहीं जिसे जरूरत होने पर चार-पांच खतौनी न निकालनी पड़ती हो। खतौनी के लिए निर्धारित शुल्क 15 की जगह 20 रुपये खुलेआम वसूला जा रहा है। एतराज करने पर बैरंग लौटा दिया जा रहा है। अधिक रुपये देकर सत्यापित खतौनी लेने की काश्तकारों की विवशता बन गई है।
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200 से 300 खतौनी रोज जारी हो रही
सदर तहसील में रोजाना 200 से 300 खतौनी निकाली जाती है। मुहम्मदाबाद, जमानिया, सेवराई, औड़िहार, जखनिया और कासिमाबाद में भी यही स्थिति है।

पांच रुपये अधिक लेने पर जताई नाराजगी
कासिमाबाद. खतौनी काउंटर पर खड़े बैरन निवासी रामध्यान ने बताया कि हमें चार खतौनी निकालनी है। इसके लिए 80 रुपये फार्म के साथ जमा करना पड़ा है। जबकि पहले एक ही खतौनी से काम चल जाता था। साधापुर निवासी ममता देवी ने खतौनी के लिए बीस रुपये काउंटर पर जमा करने की बात बताई। मरदह के अंकुर ने भी बीस रुपये प्रति खतौनी जमा कर खतौनी ली। किसानों का कहना है कि खतौनी के नाम पर पांच रुपये अधिक वसूली हो रही है। कासिमाबाद एस़डीएम आशुतोष कुमार ने बताया कि खतौनी से मिलने वाली धनराशि को अनुरक्षण कार्य में खर्च किया जाता है। कंप्यूटर ऑपरेटर का मानदेय, कंप्यूटर की मरम्मत, रखरखाव के साथ कई तरह के दैनिक कार्य किए जाते हैं।
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खतौनी का शुल्क 15 रुपये निर्धारित है। ज्यादा शुल्क न लेने की हिदायत कंप्यूटर ऑपरेटर को दी गई है। अगर शिकायत मिली तो संबंधित लेखपाल अथवा ऑपरेटर पर कार्रवाई होगी। - देवेंद्र यादव, तहसीलदार सैदपुर।
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