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दो दिन में कटान की भेंट चढ़ी 2 बीघा जमीन
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:29 PM IST
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गंगा में बाढ
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गंगा के जलस्तर में मंगलवार को भी वृद्धि जारी रही। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में लोग बाढ़ के खतरे की आशंका से भयभीत हो गए हैं। मुहम्मदाबाद ब्लॉक के सेमरा गांव के पूरब रामतुलाई मौजे के पास कटान का क्षेत्र बन गया है। पिछले 2 दिन में 2 बीघा जमीन कटान की भेंट चढ़ गई है। ग्रामीणों ने पशुओं आदि को सुरक्षित स्थान पर हटाना शुरू कर दिया है। गंगा के तटीय गांवों हरिहरपुर, सुल्तानपुर, बच्छलकापुरा, शेरपुर, सेमरा, वीरपुर आदि के लोगों ने बाढ़ की आशंका के मद्देनजर सुरक्षित ठिकानों की तलाश शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ से बचाव के लिए अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई ठोस उपाय नहीं किया गया है। बाढ़ चौकियां एवं नाव आदि की व्यवस्था मात्र फाइलों में बनी है। कोई भी प्रशासनिक अधिकारी अभी तक बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करने नही पहुंचा है। वे इस बात से चिंतित हैं कि पानी का घटाव शुरू होते ही कटान की रफ्तार भी तेज हो जाएगी। सेमरा गांव के जिन लोगों की कृषि योग्य भूमि गंगा में समाहित हुई है, उसमे ह्रदय राय, साधु राय, अनिरूद्ध यादव, तुलसी पटेल, विजय पटेल, कृपाल यादव आदि लोग शामिल हैं। जिले में मंगलवार को गंगा के जलस्तर में तीन सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंगलवार को जलस्तर 61.770 मीटर दर्ज किया गया। पानी बढ़ने से एक तरफ जहां तटवर्ती इलाकों के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है, वहीं कटान पीड़ितों के माथे पर बल पड़ने लगा है।
पिछले करीब चार सप्ताह से गंगा के जलस्तर में घटाव-बढ़ाव का सिलसिला जारी है। कभी गंगा तेजी से बढ़ रही है तो कभी तेजी से घट रही हैं। पिछले माह अचानक गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने से गंगा किनारे सब्जी बोने वाले किसानों के होश उड़ गए गए थे। वे आनन-फानन में सब्जियों की कटाई में जुट गए थे। बावजदू इसके अधिकांश किसानों की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो गई थी। आनन-फानन में किसान पानी से घिरी चरी को काटकर किसी तरह से घर पहुंचाने में जुटे रहे। बाद में गंगा में घटाव शुरु होने पर उन्होंने राहत की सांस ली थी। इसी क्रम में 4 जुलाई से एक बार फिर से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा, जो लगातार जारी रहा। मंगलवार को बढ़ाव तीन सेमी प्रति घंटा की रफ्तार पर था जबकि सोमवार को चार सेमी प्रति घंटा था।
केंद्रीय जल आयोग के उमाशंकर ने बताया कि मंगलवार को दिन में 12 बजे 61.650 मीटर, 1 बजे 61.680 मीटर, 2 बजे 61.710 मीटर, 3 बजे 61.740 और 4 बजे 61.770 मीटर बढ़ाव दर्ज किया गया। गंगा के जलस्तर में तीन सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है।
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पिछले करीब चार सप्ताह से गंगा के जलस्तर में घटाव-बढ़ाव का सिलसिला जारी है। कभी गंगा तेजी से बढ़ रही है तो कभी तेजी से घट रही हैं। पिछले माह अचानक गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने से गंगा किनारे सब्जी बोने वाले किसानों के होश उड़ गए गए थे। वे आनन-फानन में सब्जियों की कटाई में जुट गए थे। बावजदू इसके अधिकांश किसानों की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो गई थी। आनन-फानन में किसान पानी से घिरी चरी को काटकर किसी तरह से घर पहुंचाने में जुटे रहे। बाद में गंगा में घटाव शुरु होने पर उन्होंने राहत की सांस ली थी। इसी क्रम में 4 जुलाई से एक बार फिर से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा, जो लगातार जारी रहा। मंगलवार को बढ़ाव तीन सेमी प्रति घंटा की रफ्तार पर था जबकि सोमवार को चार सेमी प्रति घंटा था।
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केंद्रीय जल आयोग के उमाशंकर ने बताया कि मंगलवार को दिन में 12 बजे 61.650 मीटर, 1 बजे 61.680 मीटर, 2 बजे 61.710 मीटर, 3 बजे 61.740 और 4 बजे 61.770 मीटर बढ़ाव दर्ज किया गया। गंगा के जलस्तर में तीन सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है।
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