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बेकार नहीं जाएगी सानंद की शहादत
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:37 PM IST
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गाजीपुर। जल बिरादरी, नैक एवं जीवनोदय शिक्षा समिति की ओर से प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के शहादत पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजित की गई। इस अवसर पर नैक के ओमप्रकाश अरुण ने कहा कि गंगाजल इतना प्रदूषित हो गया है कि अब वह उपयोग के लायक नहीं रहा।
सभा में डा. बालेश्वर विक्रम ने कहा कि गंगा पुत्र स्वामी सानंद की शहादत भारतीय संस्कृति और सभ्यता को अक्षुण्ण रखे की शहादत है। काजी फरीद आलम ने कहा कि जल परिवहन की परियोजना बिना गंगा की अविरलता के कैसे संभव है। समाजसेविका सीमा पाठक ने कहा कि गंगा को लेकर जन आंदोलनों के प्रति हमारा सहयोगी रवैया होना चाहिए। प्रेमनाथ गुप्ता ने सत्ता में बैठे लोगों पर जन आंदोलन की भाषा समझने के बजाए उसे कुचलने की कुचेष्टा का आरोप लगाया। प्रो. रामनारायण तिवारी ने कहा कि गंगा लोक की नदी है। इसका समाधान लोक संस्कृति में निहित है। इस अवसर पर आरएन राय, उदय यादव, स्वामी कपिलदेव, अभिनंदन केशरी, अभयनारायण तिवारी, सचिदानंद सिंह, राजेश श्रीवास्तव, मौलाना अबु नसर फसीही ने श्रद्धासुमन अर्पित किया। अध्यक्षता ईश्वरचंद्र एवं संचालन संतोष जायसवाल ने किया।
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सभा में डा. बालेश्वर विक्रम ने कहा कि गंगा पुत्र स्वामी सानंद की शहादत भारतीय संस्कृति और सभ्यता को अक्षुण्ण रखे की शहादत है। काजी फरीद आलम ने कहा कि जल परिवहन की परियोजना बिना गंगा की अविरलता के कैसे संभव है। समाजसेविका सीमा पाठक ने कहा कि गंगा को लेकर जन आंदोलनों के प्रति हमारा सहयोगी रवैया होना चाहिए। प्रेमनाथ गुप्ता ने सत्ता में बैठे लोगों पर जन आंदोलन की भाषा समझने के बजाए उसे कुचलने की कुचेष्टा का आरोप लगाया। प्रो. रामनारायण तिवारी ने कहा कि गंगा लोक की नदी है। इसका समाधान लोक संस्कृति में निहित है। इस अवसर पर आरएन राय, उदय यादव, स्वामी कपिलदेव, अभिनंदन केशरी, अभयनारायण तिवारी, सचिदानंद सिंह, राजेश श्रीवास्तव, मौलाना अबु नसर फसीही ने श्रद्धासुमन अर्पित किया। अध्यक्षता ईश्वरचंद्र एवं संचालन संतोष जायसवाल ने किया।
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