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बोल्डर पीचिंग, नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगा
Updated Tue, 11 Sep 2018 01:04 AM IST
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करंडा(गाजीपुर)। कटान प्रभावित गांव बयेपुर, सोकनी, बड़हरिया और रफीपुर के किसानों ने सोमवार को कटान संघर्ष समिति के बैनर तले पुरैना पंप कैनाल से बड़सरा तक पदयात्रा की। इस दौरान सभी गांवों के प्रवेश द्वार पर कटान से बचाव के लिए ‘बोल्डर पीचिंग नहीं तो वोट नहीं’ का बैनर लगाया। बड़सड़ा में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि कटान रोकने के नाम पर सरकारें पीड़ितों को सिर्फ आश्वासन देती आई है। इसी झूठे आश्वासन की वजह से पीड़ितों को यह निर्णय करना पड़ा है। शीघ्र ही कटान रोकने के लिए बोल्डर पीचिंग का कार्य प्रारंभ नहीं गया तो वह चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
पुरैना पंप कैनाल से सुबह 10 बजे शुरू हुई पदयात्रा बयेपुर, सोकनी, बड़हरिया होते हुए दोपहर एक बजे बड़सड़ा पहुंचकर जनसभा में तब्दील हो गई। शामिल महिलाएं, पुरुष और बच्चे कटान से बचाव के उपाय के लिए नारे लगाते चल रहे थे। सभा में रामजी यादव और रामअवतार यादव ने कहा कि पिछले कई वर्षों से सरकार कटान पीड़ितों से वादाखिलाफी करती जा रही है। कटान रोकने का उपाय न करने की वजह से किसानों की उपजाऊ भूमि कटकर गंगा में गिर रही है। 15 वर्षों से कटान का कहर जारी है। लोगों का पलायन होता गया। स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष डॉ. देवेश सिंह ने क्षेत्रीय विधायक पर लोगों की उम्मीदों पर शत-प्रतिशत फेल होने का आरोप लगाया। कहा कि चुनाव के दौरान बड़सड़ा की बेटी ने कटान पीड़ितों से वादा किया था कि मैं चुनाव जीतते ही कटान की समस्या का निदान करा दूंगी, लेकिन सरकार बनने के बाद कभी किसानों का कुशल भी पूछने नहीं आई। पीड़ित इसी उपेक्षा से नाराज और निराश होकर गांवों के द्वारों पर बोल्डर पीचिंग नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगाने को विवश हुए है। उन्होंने मतदान में हिस्सा न लेने का निर्णय लिया है। कटान संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि कटान रोकने के नाम पर पीड़ितों को सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। चेतावनी दी कि अगर नवंबर तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो हम लोग गांव से संसद तक के सभी चुनावों का बहिष्कार करेंगे। सभा में रमापति गौतम, शिवनारायण यादव, रामअवतार प्रधान, कंचन यादव, टुन्नू यादव, बहादुर मास्टर, तेजनरायन, देवनारायण, रमेश यादव, अजय यादव, रामअवध यादव, उपेंद्र सिंह, विनित दुबे, रितुराज सिंह, धीरेंद्र ब्रम्हचारी, हवलदार चौधरी, धर्मेंद्र राय, पतिराम, देवनाथ, बालकरन, बृजेश यादव, कमला, बसगित आदि उपस्थित थे।
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पुरैना पंप कैनाल से सुबह 10 बजे शुरू हुई पदयात्रा बयेपुर, सोकनी, बड़हरिया होते हुए दोपहर एक बजे बड़सड़ा पहुंचकर जनसभा में तब्दील हो गई। शामिल महिलाएं, पुरुष और बच्चे कटान से बचाव के उपाय के लिए नारे लगाते चल रहे थे। सभा में रामजी यादव और रामअवतार यादव ने कहा कि पिछले कई वर्षों से सरकार कटान पीड़ितों से वादाखिलाफी करती जा रही है। कटान रोकने का उपाय न करने की वजह से किसानों की उपजाऊ भूमि कटकर गंगा में गिर रही है। 15 वर्षों से कटान का कहर जारी है। लोगों का पलायन होता गया। स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष डॉ. देवेश सिंह ने क्षेत्रीय विधायक पर लोगों की उम्मीदों पर शत-प्रतिशत फेल होने का आरोप लगाया। कहा कि चुनाव के दौरान बड़सड़ा की बेटी ने कटान पीड़ितों से वादा किया था कि मैं चुनाव जीतते ही कटान की समस्या का निदान करा दूंगी, लेकिन सरकार बनने के बाद कभी किसानों का कुशल भी पूछने नहीं आई। पीड़ित इसी उपेक्षा से नाराज और निराश होकर गांवों के द्वारों पर बोल्डर पीचिंग नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगाने को विवश हुए है। उन्होंने मतदान में हिस्सा न लेने का निर्णय लिया है। कटान संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि कटान रोकने के नाम पर पीड़ितों को सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। चेतावनी दी कि अगर नवंबर तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो हम लोग गांव से संसद तक के सभी चुनावों का बहिष्कार करेंगे। सभा में रमापति गौतम, शिवनारायण यादव, रामअवतार प्रधान, कंचन यादव, टुन्नू यादव, बहादुर मास्टर, तेजनरायन, देवनारायण, रमेश यादव, अजय यादव, रामअवध यादव, उपेंद्र सिंह, विनित दुबे, रितुराज सिंह, धीरेंद्र ब्रम्हचारी, हवलदार चौधरी, धर्मेंद्र राय, पतिराम, देवनाथ, बालकरन, बृजेश यादव, कमला, बसगित आदि उपस्थित थे।
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