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एनएचआई परियोजना निदेशक ने किया निरीक्षण
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:33 PM IST
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सुहवल। जिले का महत्वपूर्ण 51 किमी लंबा गाजीपुर-जमानिया-सैय्यदराजा अपने बदहाली के दौर से गुजर रहा है। अब यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित हो चुका है। उसके नवनिर्माण और फोरलेन बनाने की दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम ने बीते शुक्रवार की देर शाम को वाराणसी एनएचएआई के परियोजना निदेशक समर बहादुर के नेतृत्व में निरीक्षण किया।
थाने से फोर्स लेकर अधिकारियों ने पूरे जर्जर राजमार्ग का गंभीरता पूर्वक भौतिक सत्यापन करने के साथ ही इसके मरम्मत और नवनिर्माण पर चर्चा किया। वाराणसी एनएचआई के परियोजना निदेशक के अनुसार मार्ग की हालत को देखते हुए विभाग इस दिशा में जल्दी ही सकारात्मक कदम उठाने की तैयारी में लगा है। क्षेत्रीय आमजन लोगों को इस झंझावात से मुक्ति मिल सके। इसके लिए उन्होंने राजमार्ग के विभिन्न जगहों पर घंटों निरीक्षण किया। बीते दिनों जिलाधिकारी के बालाजी ने उक्त जर्जर मार्ग के बदहाली को देखते हुए वाराणसी के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारों और केंद्र सरकार को पत्र प्रेषित कर इस मार्ग को जल्द दुरुस्त और नवनिर्माण की आवश्यकता पर बल दिया था। इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण वाराणसी के परियोजना निदेशक समर बहादुर सिंह ने बताया कि मार्ग का विधिवत भौतिक निरीक्षण किया गया। इसकी हालत काफी दयनीय है। उन्होंने बताया कि पहली प्राथमिकता है जल्दी ही राजमार्ग को पहले वाहनों के चलने लायक बनाने की है। इस राजमार्ग फोरलेन बनाने की दिशा में भी सर्वे भी चल रहा है।
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थाने से फोर्स लेकर अधिकारियों ने पूरे जर्जर राजमार्ग का गंभीरता पूर्वक भौतिक सत्यापन करने के साथ ही इसके मरम्मत और नवनिर्माण पर चर्चा किया। वाराणसी एनएचआई के परियोजना निदेशक के अनुसार मार्ग की हालत को देखते हुए विभाग इस दिशा में जल्दी ही सकारात्मक कदम उठाने की तैयारी में लगा है। क्षेत्रीय आमजन लोगों को इस झंझावात से मुक्ति मिल सके। इसके लिए उन्होंने राजमार्ग के विभिन्न जगहों पर घंटों निरीक्षण किया। बीते दिनों जिलाधिकारी के बालाजी ने उक्त जर्जर मार्ग के बदहाली को देखते हुए वाराणसी के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारों और केंद्र सरकार को पत्र प्रेषित कर इस मार्ग को जल्द दुरुस्त और नवनिर्माण की आवश्यकता पर बल दिया था। इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण वाराणसी के परियोजना निदेशक समर बहादुर सिंह ने बताया कि मार्ग का विधिवत भौतिक निरीक्षण किया गया। इसकी हालत काफी दयनीय है। उन्होंने बताया कि पहली प्राथमिकता है जल्दी ही राजमार्ग को पहले वाहनों के चलने लायक बनाने की है। इस राजमार्ग फोरलेन बनाने की दिशा में भी सर्वे भी चल रहा है।
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