{"_id":"59a998224f1c1b5e738b4b62","slug":"171504286754-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘‘चेले पड़ेगे कम गुरु घटाल हजारों है...’’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘‘चेले पड़ेगे कम गुरु घटाल हजारों है...’’
Updated Fri, 01 Sep 2017 10:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। प्रगतिशील बुद्धिजीवी विचार मंच के तत्वावधान में श्रीराधा-रमण डिग्री कालेज रूहीपुर के सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ गौरीशंकर पांडेय सरस की वाणी वंदना से हुआ।
कवि विजय कुमार मधुरेश ने माया जाल में शिष्यों को ठगने वाले मायावी बाबाओं पर करारा व्यंग किया। कविता के माध्यम से व्यंग करते हुए कहा कि चेले पड़ेगे कम गुरु घटाल हजारों हैं, विक्रम कहीं-कहीं है बैताल हजारों है। सुख शांति के लिए हम किस संत के यहां जाए, यहां बाबा राम रहीम, रामपाल हजारों है। जाने माने कवि एवं बैंक कर्मी दिनेश चंद्र शर्मा ने पड़ोसी मुलक को कविता के माध्यम से चेतावनी देते हुए कहा कि हमसे टकराने की हरगिज भूल न करना, वरना दुनिया के नक्शे से गायाब हो जाओगे। सरस ने बेटियों को आगे बढ़ने का मौका देना की बात की। कहा कि इन्हू के आगे बढ़ला क मोका अगर मिले लागे, कवनों माने में अब बेटी बेटन से कम ना बाटी। डॉ. अनुप काल पुरुष ने कश्मीर के संदर्भ में पड़ोसी मुल्क को आगाह किया। काश्मीर का तो सपना अब देखना भी मत, कश्मीर हमारा है, हमारा ही रहेगा। इस मौके पर डॉ. श्रीनिवास मिश्र, रामदरस यादव, उमाशंकर यादव, दूबरी सिंह यादव, दिनेश यादव, पारसनाथ, बैजनाथ सिंह यादव, अशोक पांडेय, रामअवध आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कवि विजय कुमार मधुरेश ने माया जाल में शिष्यों को ठगने वाले मायावी बाबाओं पर करारा व्यंग किया। कविता के माध्यम से व्यंग करते हुए कहा कि चेले पड़ेगे कम गुरु घटाल हजारों हैं, विक्रम कहीं-कहीं है बैताल हजारों है। सुख शांति के लिए हम किस संत के यहां जाए, यहां बाबा राम रहीम, रामपाल हजारों है। जाने माने कवि एवं बैंक कर्मी दिनेश चंद्र शर्मा ने पड़ोसी मुलक को कविता के माध्यम से चेतावनी देते हुए कहा कि हमसे टकराने की हरगिज भूल न करना, वरना दुनिया के नक्शे से गायाब हो जाओगे। सरस ने बेटियों को आगे बढ़ने का मौका देना की बात की। कहा कि इन्हू के आगे बढ़ला क मोका अगर मिले लागे, कवनों माने में अब बेटी बेटन से कम ना बाटी। डॉ. अनुप काल पुरुष ने कश्मीर के संदर्भ में पड़ोसी मुल्क को आगाह किया। काश्मीर का तो सपना अब देखना भी मत, कश्मीर हमारा है, हमारा ही रहेगा। इस मौके पर डॉ. श्रीनिवास मिश्र, रामदरस यादव, उमाशंकर यादव, दूबरी सिंह यादव, दिनेश यादव, पारसनाथ, बैजनाथ सिंह यादव, अशोक पांडेय, रामअवध आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन