{"_id":"5ce97e54bdec22074d53cba0","slug":"15588061503-ghazipur-news86","type":"story","status":"publish","title_hn":"फाइलेरिया मरीजों की जांच और दवा के लिए रात में खुलता है मलेरिया विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फाइलेरिया मरीजों की जांच और दवा के लिए रात में खुलता है मलेरिया विभाग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। फाइलेरिया से बचाव के लिए जिला मलेरिया विभाग की ओर से प्रत्येक बृहस्पतिवार की रात में फाइलेरिया से पीड़ित मरीजों की जांच और जांच के बाद पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें नि:शुल्क दवा का वितरण किया जाता है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार की रात चार से पांच मरीजों की जांच लैब टेक्नीशियन रामअवतार सिंह यादव और बचाव, व्यायाम एवं रख-रखाव के बारे में जानकारी फाइलेरिया इंस्पेक्टर अजय शुक्ला द्वारा दी गई।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बेदी यादव ने बताया कि विभाग की तरफ सेप्रत्येक बृहस्पतिवार की रातमें फाइलेरिया के मरीजों कीजांच की जाती है। रातके वक्त ही फाइलेरिया के लक्षणको आसानी से पहचाना जा सकताहै। बताया कि मौजूदा समय में 1150 मरीज फाइलेरिया के रजिस्टर्ड हैं । जिनकी पूरी दवा विभाग की ओर नि: शुल्क दी जाती है। इन दवाइयों को प्रत्येक छह माह में एक बार लगातार 12 दिन तक खाना होता है। इसके साथ ही वर्ष में एक बार ‘फाइलेरिया दिवस’ पर पूरी जनसंख्या को फाइलेरिया से बचने के लिए दवा भी खिलाई जाती है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार फाइलेरिया पूरी दुनिया में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। वर्ष 2016 तक देश में प्रभावित जिलों में छह करोड़ 30 लाख लोगों का उपचार किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर इस बीमारी से प्रभावित 256 जिलों में से 100 जिलों में यह बीमारी तेजी से कम हुई है। उन्होंने फ़ाइलेरिया के कारण, लक्षण और निदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विज्ञापन
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बेदी यादव ने बताया कि विभाग की तरफ सेप्रत्येक बृहस्पतिवार की रातमें फाइलेरिया के मरीजों कीजांच की जाती है। रातके वक्त ही फाइलेरिया के लक्षणको आसानी से पहचाना जा सकताहै। बताया कि मौजूदा समय में 1150 मरीज फाइलेरिया के रजिस्टर्ड हैं । जिनकी पूरी दवा विभाग की ओर नि: शुल्क दी जाती है। इन दवाइयों को प्रत्येक छह माह में एक बार लगातार 12 दिन तक खाना होता है। इसके साथ ही वर्ष में एक बार ‘फाइलेरिया दिवस’ पर पूरी जनसंख्या को फाइलेरिया से बचने के लिए दवा भी खिलाई जाती है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार फाइलेरिया पूरी दुनिया में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। वर्ष 2016 तक देश में प्रभावित जिलों में छह करोड़ 30 लाख लोगों का उपचार किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर इस बीमारी से प्रभावित 256 जिलों में से 100 जिलों में यह बीमारी तेजी से कम हुई है। उन्होंने फ़ाइलेरिया के कारण, लक्षण और निदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विज्ञापन