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सरकारी अस्पतालों पर एंटी रेबीज का टोटा
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गाजीपुर। जनपद के अधिकतर सरकारी अस्पतालों में इस समय कुत्ता काटने का इंजेक्शन एंटी रेबीज की जबरदस्त कमी है। गांव- गिरांव से लोग इस वैक्सीन के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं, तो वहां भी उन्हें बहाना बना कर टाल दिया जा रहा है। वैक्सीन न उपलब्ध होने के कारण लोगों को भटकना पड़ रहा है। गर्मी के समय में कुत्ता काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसके लिए लोगों को वैक्सीन लगवाना जरूरी होता है। बाहर के मेडिकल स्टोर पर यह वैक्सीन काफी महंगी मिलती है, जिसे खरीद पाना सामान्य लोगों के बस की बात नहीं है।
जिला अस्पताल में एंटी रेबीज का वैक्सीन तो उपलब्ध है, लेकिन इसे लगाने में काफी हीलाहवाली की जा रही है। इसका कारण यह है कि ग्रामीण इलाकों के भी मरीज इस इंजेक्शन के लिए सीधे जिला मुख्यालय चले आते हैं, जिसके चलते वैक्सीन कम पड़ जाता है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी तथा पीएचसी पर भी वैक्सीन को उपलब्ध कराया गया ह्रै, लेकिन मरीजों को इसकी सुविधा नहीं रही है। जमानिया संवाददाता के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को कुत्ता काटने का इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। यहां आने वाले मरीजों को वैक्सीन का टोटा बता कर जिला मुख्यालय भेज दिया जाता है। भांवरकोल संवाददाता का अनुसार पीएचसी गोड़उर पर भी करीब एक पखवारे से एंटी रेबीज का वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। गर्मी के इस समय में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। अस्पताल में इस वैक्सीन के न रहने से मरीजों में आए दिन नोक-झोंक हो रही है। मुहम्मदाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी अधिकतर मरीजों को इस वैक्सीन के लिए भटकना पड़ रहा है। सुबह जल्दी पहुंच जाने वाले मरीजों को तो यह सूई लग जा रहा है लेकिन 12 बजे के बाद पहुंचने वाले मरीजों को इससे वंचित हो जाना पड़ता है।
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जिला अस्पताल में एंटी रेबीज का वैक्सीन तो उपलब्ध है, लेकिन इसे लगाने में काफी हीलाहवाली की जा रही है। इसका कारण यह है कि ग्रामीण इलाकों के भी मरीज इस इंजेक्शन के लिए सीधे जिला मुख्यालय चले आते हैं, जिसके चलते वैक्सीन कम पड़ जाता है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी तथा पीएचसी पर भी वैक्सीन को उपलब्ध कराया गया ह्रै, लेकिन मरीजों को इसकी सुविधा नहीं रही है। जमानिया संवाददाता के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को कुत्ता काटने का इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। यहां आने वाले मरीजों को वैक्सीन का टोटा बता कर जिला मुख्यालय भेज दिया जाता है। भांवरकोल संवाददाता का अनुसार पीएचसी गोड़उर पर भी करीब एक पखवारे से एंटी रेबीज का वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। गर्मी के इस समय में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। अस्पताल में इस वैक्सीन के न रहने से मरीजों में आए दिन नोक-झोंक हो रही है। मुहम्मदाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी अधिकतर मरीजों को इस वैक्सीन के लिए भटकना पड़ रहा है। सुबह जल्दी पहुंच जाने वाले मरीजों को तो यह सूई लग जा रहा है लेकिन 12 बजे के बाद पहुंचने वाले मरीजों को इससे वंचित हो जाना पड़ता है।
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