{"_id":"5c4df38abdec225fe96d65df","slug":"151548612490-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो पालियों में हुई परीक्षा में शामिल हुए 35 हजार अभ्यर्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो पालियों में हुई परीक्षा में शामिल हुए 35 हजार अभ्यर्थी
विज्ञापन
गाजीपुर। जिले में बनाये गए 27 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगहबानी में पुलिस भर्ती परीक्षा सकुशल आयोजित की गई। पहले दिन रविवार को दो पालियों में आसपास के सात जिलों से पहुंचे करीब 35 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे। परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी को कराने और नकल रोकने के लिए कई इंतजाम किए गए थे। जिले के अधिकारी विभिन्न केंद्रों पर भ्रमण करते रहे। शांतिपूर्वक परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
प्रदेश सरकार की ओर से पुलिस भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसके तहत जिले में सुबह 10 बजे से 12 बज कर पांच मिनट तक प्रथम पाली तथा तीन बजे से पांच बज कर पांच मिनट तक दूसरी पाली की परीक्षा आयोजित की गई। इसमें वाराणणसी, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर आदि जिलों से कुल 35 हजार 40 अभ्यर्थी शामिल हुए। दोनों पालियों में अलग-अलग 17 हजार 520 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा तथा अन्य सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा कराने की संस्था टाटा कंसलटेंसी सर्विस (टीसीएस) के अधिकारी तथा कर्मचारी केंद्रों पर उपस्थित थे तथा आवश्यक निर्देश देते रहे। परीक्षा के दौरान कहीं भी नकल होने या किसी के अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए पकड़े जाने की कोई खबर नहीं मिली । परीक्षा सकुशल संपन्न हो जाने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। पहली पाली के लिए दूरदराज से आने वाले अधिकतर अभ्यर्थियों ने शनिवार की रात को ही केंद्रों के आस पास डेरा जमा लिया था। दूसरी पाली के परीक्षार्थियों के आने का सिलसिला करीब एक बजे तक बना रहा। अपर पुलिस अधीक्षक नगर प्रदीप दूबे ने बताया कि पहले दिन की परीक्षा शांति से तथा सकुशल संपन्न हो गई। कहीं भी किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई है।
गाजीपुर। पुलिस भर्ती परीक्षा के चलते संबंधित केंद्रों के आसपास दिन भर गहमा-गहमी का माहौल रहा। परीक्षा शुरू होने से पहले और उसके समाप्त हो जाने के बाद इन केंद्रों के पास जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण कई जगहों पर जाम की वजह से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
विज्ञापन
गाजीपुर। पुलिस भर्ती परीक्षा के चलते रविवार को तमाम अभ्यर्थी बसों की छतों पर सवार होकर परीक्षा देने गाजीपुर पहुंचे। हजारों की संख्या में यहां आए परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्रों पर जाने के लिए टैंपों और ई रिक्शा का सहारा लेने के कारण चालकों की चांदी रही। बहुत से अभ्यर्थी अपने निजी साधनों से यहां पहुंचे थे।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार की ओर से पुलिस भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसके तहत जिले में सुबह 10 बजे से 12 बज कर पांच मिनट तक प्रथम पाली तथा तीन बजे से पांच बज कर पांच मिनट तक दूसरी पाली की परीक्षा आयोजित की गई। इसमें वाराणणसी, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर आदि जिलों से कुल 35 हजार 40 अभ्यर्थी शामिल हुए। दोनों पालियों में अलग-अलग 17 हजार 520 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा तथा अन्य सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा कराने की संस्था टाटा कंसलटेंसी सर्विस (टीसीएस) के अधिकारी तथा कर्मचारी केंद्रों पर उपस्थित थे तथा आवश्यक निर्देश देते रहे। परीक्षा के दौरान कहीं भी नकल होने या किसी के अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए पकड़े जाने की कोई खबर नहीं मिली । परीक्षा सकुशल संपन्न हो जाने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। पहली पाली के लिए दूरदराज से आने वाले अधिकतर अभ्यर्थियों ने शनिवार की रात को ही केंद्रों के आस पास डेरा जमा लिया था। दूसरी पाली के परीक्षार्थियों के आने का सिलसिला करीब एक बजे तक बना रहा। अपर पुलिस अधीक्षक नगर प्रदीप दूबे ने बताया कि पहले दिन की परीक्षा शांति से तथा सकुशल संपन्न हो गई। कहीं भी किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई है।
विज्ञापन
गाजीपुर। पुलिस भर्ती परीक्षा के चलते संबंधित केंद्रों के आसपास दिन भर गहमा-गहमी का माहौल रहा। परीक्षा शुरू होने से पहले और उसके समाप्त हो जाने के बाद इन केंद्रों के पास जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण कई जगहों पर जाम की वजह से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
विज्ञापन
गाजीपुर। पुलिस भर्ती परीक्षा के चलते रविवार को तमाम अभ्यर्थी बसों की छतों पर सवार होकर परीक्षा देने गाजीपुर पहुंचे। हजारों की संख्या में यहां आए परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्रों पर जाने के लिए टैंपों और ई रिक्शा का सहारा लेने के कारण चालकों की चांदी रही। बहुत से अभ्यर्थी अपने निजी साधनों से यहां पहुंचे थे।