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समान से बरस रही आग से लोगों का जीना मुसहाल
Updated Sun, 27 May 2018 11:12 PM IST
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गाजीपुर। गरमी सितम ढा रही है। आसमान से बरस रही आग ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सुबह नौ बजे से शुरू तेज धूप एवं उमस लोगों को झुलसाती रही। मौसम की तल्खी और अवकाश का दिन होने के कारण सड़कों पर लोगों की भीड़ कम रही। मौसम की मार से हर कोई बेहाल है।
मई माह की शुरुआत से ही गर्मी का सितम जारी है, लेकिन करीब डेढ़ सप्ताह से मौसम का मिजाज काफी तल्ख है। सुबह से लेकर आधी रात तक तपन का प्रभाव बना रह रहा है। शनिवार को चमकीली धूप के बीच मौसम का मिजाज काफी गर्म रहा है। खुले आसमान के नीचे एक पल भी खड़ा रह पाना लोगों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था। आधी रात के बाद भी तपन का जबरदस्त प्रभाव बना रहा। उमस का हाल यह था कि उसको कम करने के लिए कूलर और पंखे की हवा भी पूरी तरह से बेअसर थी। गर्मी की वजह से उलझन होने पर बार-बार लोगों की नींद टूटती रही। रविवार को भी सुबह से ही आसमान से आग बरसने लगी। दिन चढ़ने के साथ ही आसमान से बरसते अंगारों से लोग झुलसते रहे। दो-चार मिनट की कौन कहे, एक पल के लिए भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही थी। शरीर से पसीना निकलने पर लोग उलझन महसूस कर रहे थे। अपने आप को रिचार्ज करने के लिए लोग थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी का सेवन करते रहे। परेशान हाल लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिरकार गर्मी से कैसे राहत मिलेगी। मौसम की मार से सबसे ज्यादा प्रभाव मार्गों पर आवागमन करने वालों पर दिखाई दिया। प्यास लगने पर वह हैंडपंप और सार्वजनिक प्याऊ को खोजते दिखे। न मिलने पर लोगों ने शीतल पेय की दुकानों पर राहत तलाशी।
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मई माह की शुरुआत से ही गर्मी का सितम जारी है, लेकिन करीब डेढ़ सप्ताह से मौसम का मिजाज काफी तल्ख है। सुबह से लेकर आधी रात तक तपन का प्रभाव बना रह रहा है। शनिवार को चमकीली धूप के बीच मौसम का मिजाज काफी गर्म रहा है। खुले आसमान के नीचे एक पल भी खड़ा रह पाना लोगों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था। आधी रात के बाद भी तपन का जबरदस्त प्रभाव बना रहा। उमस का हाल यह था कि उसको कम करने के लिए कूलर और पंखे की हवा भी पूरी तरह से बेअसर थी। गर्मी की वजह से उलझन होने पर बार-बार लोगों की नींद टूटती रही। रविवार को भी सुबह से ही आसमान से आग बरसने लगी। दिन चढ़ने के साथ ही आसमान से बरसते अंगारों से लोग झुलसते रहे। दो-चार मिनट की कौन कहे, एक पल के लिए भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही थी। शरीर से पसीना निकलने पर लोग उलझन महसूस कर रहे थे। अपने आप को रिचार्ज करने के लिए लोग थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी का सेवन करते रहे। परेशान हाल लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिरकार गर्मी से कैसे राहत मिलेगी। मौसम की मार से सबसे ज्यादा प्रभाव मार्गों पर आवागमन करने वालों पर दिखाई दिया। प्यास लगने पर वह हैंडपंप और सार्वजनिक प्याऊ को खोजते दिखे। न मिलने पर लोगों ने शीतल पेय की दुकानों पर राहत तलाशी।
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