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सूर्य प्रणाम का अभ्यास कराया
Updated Tue, 06 Jun 2017 10:07 PM IST
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सुहवल (गाजीपुर)। क्षेत्र के ताड़ीघाट गांव स्थित पोस्ट आफिस के पास पतंजलि योग पीठ की ओर से नि:शुल्क पांच दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर के तीसरे दिन योगाचार्य अमित पांडेय ने उपस्थित लोगों को सूर्य प्रणाम का अभ्यास कराया। प्राणायाम के माध्यम से रोगों के उपचार के विषय में जानकारी दी।
योगाचार्य ने बताया कि योगाभ्यास के विभिन्न आसनों जिनमें प्रमुख प्राणायाम से आंतरिक सभी रोगों का सर्वनाश होता है। लोगों को सिद्धासन एवं वायु मुद्रा में बैठकर सर्वप्रथम भस्तिका प्राणायाम करना चाहिए। प्राणायाम पुरानी खांसी, नजला, दमा एवं हृदयरोग से ग्रसित व्यक्ति को लाभ देता है। दूसरे क्रम में कपालभाति प्राणायाम से उदर (पेट) के सभी रोगों का नाश हो जाता है। वाह्य प्राणायम जो कुंडली जागरण का अभ्यास है इससे भी उदर रोग दूर होता है तथा पाचन क्रिया सही होती है। उज्जाई प्राणायाम से गला रोग जैसे थाइराइड नहीं होता है तथा वाणी मधुर होती है। अनुलोम-विलोम प्राणायाम के माध्यम से शरीर की सभी नाड़ियों को साफ करना है जिससे सभी रोग का नाश करता है। भ्रामरी प्राणायाम के माध्यम से मन की चंचलता को दूर किया जाता है। योग शिविर में पतंजलि योगपीठ के पवन यादव, हर्ष सिंह, दीपक गुप्ता, आदर्श सिंह, अतुल पांडेय, विकास सिंह, नवीन कुमार, बलवीर, किट्टू, कृष्णा, परमेश्वर यादव, अनुराग आदि उपस्थित थे।
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योगाचार्य ने बताया कि योगाभ्यास के विभिन्न आसनों जिनमें प्रमुख प्राणायाम से आंतरिक सभी रोगों का सर्वनाश होता है। लोगों को सिद्धासन एवं वायु मुद्रा में बैठकर सर्वप्रथम भस्तिका प्राणायाम करना चाहिए। प्राणायाम पुरानी खांसी, नजला, दमा एवं हृदयरोग से ग्रसित व्यक्ति को लाभ देता है। दूसरे क्रम में कपालभाति प्राणायाम से उदर (पेट) के सभी रोगों का नाश हो जाता है। वाह्य प्राणायम जो कुंडली जागरण का अभ्यास है इससे भी उदर रोग दूर होता है तथा पाचन क्रिया सही होती है। उज्जाई प्राणायाम से गला रोग जैसे थाइराइड नहीं होता है तथा वाणी मधुर होती है। अनुलोम-विलोम प्राणायाम के माध्यम से शरीर की सभी नाड़ियों को साफ करना है जिससे सभी रोग का नाश करता है। भ्रामरी प्राणायाम के माध्यम से मन की चंचलता को दूर किया जाता है। योग शिविर में पतंजलि योगपीठ के पवन यादव, हर्ष सिंह, दीपक गुप्ता, आदर्श सिंह, अतुल पांडेय, विकास सिंह, नवीन कुमार, बलवीर, किट्टू, कृष्णा, परमेश्वर यादव, अनुराग आदि उपस्थित थे।
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