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मां के साथ छठ पूजा करने गए बेटे की डूबकर मौत
Updated Wed, 14 Nov 2018 11:31 PM IST
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सुहवल/सेवराई(गाजीपुर)। गहमर थाना क्षेत्र के सायर गांव में मां के साथ ननिहाल में छठ पूजन करने गए सुहवल गांव निवासी एक युवक की मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर मिलते ही पूजा करने वाली मां चीख-पुकार करते हुए छठ मईया की दुहाई देने लगी। हादसे से गंगा घाट पर मौजूद श्रद्धालु गमगीन हो उठे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुहवल निवासी रामअवतार का बेटा राजेंद्र कुशवाहा (17) अपनी मां शकुंतला देवी और छोटे भाई के साथ ननिहाल गहमर थाने के सायर गांव में छठ मनाने के लिए गया था। पहला अर्घ्य देने के लिए मां मंगलवार की शाम अपने बेटों सहित परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कर्मनाशा नदी के घाट पर पहुंची थी। शाम को दोनों भाइयों ने सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। इसके बाद सभी घर को लौट आए। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए भोर में परिवार के लोग गंगा घाट के लिए घर से निकले। मंगल गीत गाते हुए मां घाट पर पहुंची। वेदी पर कलश स्थापित करने के बाद पूजन-अर्चन शुरू करते हुए पुत्रों के दीर्घायु होने की कामना में लीन हो गई। सूर्योदय का समय करीब आते ही वह पूजा का सूप लेकर गंगा में पहुंची और सूर्यदेव की आराधना करने लगी। इसी बीच छोटा बेटा वहां पहुंचा और अर्घ्य दिया। मां ने उससे पूछा कि बड़ा भाई रजिंद्र कहा है, उसे बुलाओ अर्घ्य देना है। इसी बीच मौजूद लोग इस बात का शोर मचाने लगे एक लड़का नहाते समय डूब गया है। तभी मां भी वहां पहुंच गई। वहां मौजूद नाविक और ग्रामीणों ने जाल डाल कर डूबे युवक को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृत बेटे पर नजर पड़ते ही मां शंकुतला चीत्कार उठी। वहां मौजूद श्रद्धालु उसे सांत्वना देने में जुट गए। घाट का उत्साह और शोर-शराबा पूरी तरह से थम गया। सूचना मिलते ही मृतक के परिवार के लोग भी वहां पहुंचे। जानकारी होने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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सुहवल निवासी रामअवतार का बेटा राजेंद्र कुशवाहा (17) अपनी मां शकुंतला देवी और छोटे भाई के साथ ननिहाल गहमर थाने के सायर गांव में छठ मनाने के लिए गया था। पहला अर्घ्य देने के लिए मां मंगलवार की शाम अपने बेटों सहित परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कर्मनाशा नदी के घाट पर पहुंची थी। शाम को दोनों भाइयों ने सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। इसके बाद सभी घर को लौट आए। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए भोर में परिवार के लोग गंगा घाट के लिए घर से निकले। मंगल गीत गाते हुए मां घाट पर पहुंची। वेदी पर कलश स्थापित करने के बाद पूजन-अर्चन शुरू करते हुए पुत्रों के दीर्घायु होने की कामना में लीन हो गई। सूर्योदय का समय करीब आते ही वह पूजा का सूप लेकर गंगा में पहुंची और सूर्यदेव की आराधना करने लगी। इसी बीच छोटा बेटा वहां पहुंचा और अर्घ्य दिया। मां ने उससे पूछा कि बड़ा भाई रजिंद्र कहा है, उसे बुलाओ अर्घ्य देना है। इसी बीच मौजूद लोग इस बात का शोर मचाने लगे एक लड़का नहाते समय डूब गया है। तभी मां भी वहां पहुंच गई। वहां मौजूद नाविक और ग्रामीणों ने जाल डाल कर डूबे युवक को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृत बेटे पर नजर पड़ते ही मां शंकुतला चीत्कार उठी। वहां मौजूद श्रद्धालु उसे सांत्वना देने में जुट गए। घाट का उत्साह और शोर-शराबा पूरी तरह से थम गया। सूचना मिलते ही मृतक के परिवार के लोग भी वहां पहुंचे। जानकारी होने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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