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बंदियों को कराया प्राणायाम व भस्तिका का अभ्यास
Updated Sun, 03 Jun 2018 12:12 AM IST
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गाजीपुर। केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद के निर्देशानुसार कृष्णा प्राकृतिक चिकित्सा योग एवं आयुर्वेद संस्थान की ओर से जिला कारागार में योग शिविर का आयोजन शनिवार को किया गया। इस मौके पर संस्थान के सचिव डा. शिवनाथ त्रिपाठी ने उपस्थित बंदियों को योग के विभिन्न आसनों की जानकारी दी।
जिला कारागार में मौजूद सैकड़ों पुरुष और महिला बंदियों को बैरक से बाहर परिसर में योगाभ्यास के लिए बुलाया गया। करीब ढाई घंटे तक योग गुरुओं ने एक-एक योग के बारे में बारीकी से जानकारी दी। बंदियों को जेल के भीतर स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन योग करना अनिवार्य बताया। कहा कि योग से मानसिक और शारीरिक दुर्बलताएं दूर होती हैं और मनुष्य निरोग रहता है। योग जीवन की वह संजीवनी है, जिससे हम गंभीर से गंभीर रोगों से लड़ सकते हैं। प्राणायाम, भस्तिका, अनुलोम-विलोम, कपाल भांति आदि का अभ्यास कराकर उनसे होने वाले लाभ की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग से निरोग रहा जा सकता है। योग अपनाकर जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। इस मौके पर कारागार अधीक्षक राजेंद्र कुमार, कारापाल एससी त्रिपाठी, उप कारापाल दुर्गेश प्रताप सिंह एवं ओमकार पांडेय आदि उपस्थित थे।
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जिला कारागार में मौजूद सैकड़ों पुरुष और महिला बंदियों को बैरक से बाहर परिसर में योगाभ्यास के लिए बुलाया गया। करीब ढाई घंटे तक योग गुरुओं ने एक-एक योग के बारे में बारीकी से जानकारी दी। बंदियों को जेल के भीतर स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन योग करना अनिवार्य बताया। कहा कि योग से मानसिक और शारीरिक दुर्बलताएं दूर होती हैं और मनुष्य निरोग रहता है। योग जीवन की वह संजीवनी है, जिससे हम गंभीर से गंभीर रोगों से लड़ सकते हैं। प्राणायाम, भस्तिका, अनुलोम-विलोम, कपाल भांति आदि का अभ्यास कराकर उनसे होने वाले लाभ की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग से निरोग रहा जा सकता है। योग अपनाकर जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। इस मौके पर कारागार अधीक्षक राजेंद्र कुमार, कारापाल एससी त्रिपाठी, उप कारापाल दुर्गेश प्रताप सिंह एवं ओमकार पांडेय आदि उपस्थित थे।
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