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जिंदगी और मौत से जूझ रहा राकेश
Updated Thu, 31 May 2018 10:48 PM IST
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खानपुर (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के करमपुर गांव में बुधवार की देर शाम गैस सिलेंडर फटने से मकान की छत उड़ गई थी। इस दुर्घटना में घर में सो रहे राकेश पांडेय मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसका उपचार वाराणसी के ट्रामा सेंटर में चल रहा है। वह जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
गांव के करमपुर निवासी स्व. लालजी पांडेय का पुत्र राकेश पांडेय (35) अपने मां के साथ घर में रहता है। उसकी मां मायके गई थी। बुधवार को राकेश घर के अंदर कमरे में लेटा हुआ था। इसी बीच करीब साढ़े छह बजे अचानक रसोई गैस सिलेंडर तेज आवाज में फट गया था। धमाका इतना जबरदस्त था कि मकान की छत उड़ गई थी। आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए थे। कुछ देर तक लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिरकार आवाज किसके घर से आई है। जैसे ही लोगों को जानकारी हुई थी कि राकेश पांडेय के मकान में सिलेंडर फटा है, लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे थे और आनन-फानन में मलबे में दबे राकेश को बाहर निकाला। 108 नंबर एंबुलेंस से ग्रामीण घायल को सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाए थे और दुर्घटना की सूचना घायल की मां को दिया था। जानकारी होते ही मां भी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गई थी। गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद राकेश को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया था। ट्रामा सेंटर में वह जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। इस दुर्घटना में राकेश की भैंस भी गंभीर रूप से घायल हो गई है।
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गांव के करमपुर निवासी स्व. लालजी पांडेय का पुत्र राकेश पांडेय (35) अपने मां के साथ घर में रहता है। उसकी मां मायके गई थी। बुधवार को राकेश घर के अंदर कमरे में लेटा हुआ था। इसी बीच करीब साढ़े छह बजे अचानक रसोई गैस सिलेंडर तेज आवाज में फट गया था। धमाका इतना जबरदस्त था कि मकान की छत उड़ गई थी। आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए थे। कुछ देर तक लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिरकार आवाज किसके घर से आई है। जैसे ही लोगों को जानकारी हुई थी कि राकेश पांडेय के मकान में सिलेंडर फटा है, लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे थे और आनन-फानन में मलबे में दबे राकेश को बाहर निकाला। 108 नंबर एंबुलेंस से ग्रामीण घायल को सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाए थे और दुर्घटना की सूचना घायल की मां को दिया था। जानकारी होते ही मां भी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गई थी। गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद राकेश को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया था। ट्रामा सेंटर में वह जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। इस दुर्घटना में राकेश की भैंस भी गंभीर रूप से घायल हो गई है।
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