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दो निजी अस्पताल संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:31 PM IST
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मुहम्मदाबाद। ब्लाक क्षेत्र में अवैध रुप से चलाए जा रहे अवैध निजी अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नोडल अधिकारी के निर्देश पर अवैध रुप से संचालित दो निजी अस्पताल संचालकों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।
नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा लखनऊ के निर्देश पर डाक बंगला रोड पर स्थित शिव लक्ष्मी हास्पिटल के चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार वर्मा के हास्पिटल का निरीक्षण बीते 26 अक्तूबर को किया गया। उस समय हास्पिटल में पांच मरीज भर्ती थे, जिनका आपरेशन डॉ. मनोज कुमार वर्मा द्वारा किया गया था, जो एक अनाधिकृत, अप्रशिक्षित, अनरजिस्टर्ड, चिकित्सक है। इस प्रकार कथित चिकित्सक झोलाछाप डाक्टर की श्रेणी में आता है। उनका यह कार्य इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। टीम के सदस्यों की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉ. मनोज कुमार वर्मा के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर लिया। इसी प्रकार जनता फातमा अस्पताल बैजलपुर के प्रबंधक राजेश कुमार सिंह के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसी तरह बीते आठ जुलाई को आईएएस ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में प्रशासनिक एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र में संचालित हो रहे छह प्राइवेट नर्सिंग होम एवं झोलाछाप डाक्टरों की जांच की थी। इसमें दो हास्पिटलों में आपरेशन कर भर्ती मरीज पाए गए थे। जांच के दौरान आपरेशन करने वाला डॉक्टर अपनी डिग्री नहीं दिखा पाया था। जांच टीम अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को देने की बात कहकर चले गए। पूरे क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे प्राइवेट हास्पिटलों के संचालक ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों का जमकर आर्थिक शोषण करने में लगे हैं। इस संबंध में नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि झोलाछाप और अवैध रूप से अस्पताल संचालित करने वाले संचालकों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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