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बाप रे बाप ! आसमान से बरसने लगी आग
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गाजीपुर। बाप रे बाप! अब तो आसमान से बरसने लगी आग। तेज धूप और भीषण गर्मी में पारा पहुंचा 42 के पार पहुंच गया। सोमवार को मौसम की तल्खी से बेहाल लोग कुछ इसी तरह की बातें कर रहे थे। तेज धूप से जहां आवागमन करने वालों का तन झुलस रहा है, वही गर्म हवा से शरीर पूरी तरह से तपने लग रही है। मौसम की तल्खी से हर कोई बेहाल है। अप्रैल के मध्य में मौसम का यह हाल है, तो मई और जून में क्या होगा ?
पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज काफी गर्म है। सुबह आठ बजे से ही लोगों को सूर्य के तप का एहसास होने लग रहा है। दोपहर में तो आलम यह है कि धूप के बीच कुछ पल भी लोगों का खड़ा होना संभव नहीं हो पा रहा है। सुबह धूप निकल रही है, उसका प्रभाव सूर्यास्त तक बना रह रहा है। मौसम के तप के कारण दोपहर में शहर की रौनक पूरी तरह से खत्म हो जा रही है। गुलजार रहने वाली सड़कें सूनी हो जा रही है। दोपहर में मार्गों पर आवागमन करते वहीं नजर आ रहा है, जिसकी कोई मजबूरी है। तप के कारण सड़कों से आग निकल रही है। सोमवार को पारा 42 के पार रहा, इससे हर कोई उमस और गर्मी से बेहाल रहा। मौसम की तल्खी से लोग खुले आसमान के नीचे आते से कतराते रहे। वहीं लोग धूप बीच निकले, जिनकी कुछ मजबूरी थी। गर्मी के जबरदस्त प्रभाव के आगे पंखा का हवा भी नाकाफी रही। लोग मौसम की तल्खी की चर्चा करते हुए कहते रहे कि जब अभी यह हाल है तो आने वाले दिनों में क्या होगा।
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पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज काफी गर्म है। सुबह आठ बजे से ही लोगों को सूर्य के तप का एहसास होने लग रहा है। दोपहर में तो आलम यह है कि धूप के बीच कुछ पल भी लोगों का खड़ा होना संभव नहीं हो पा रहा है। सुबह धूप निकल रही है, उसका प्रभाव सूर्यास्त तक बना रह रहा है। मौसम के तप के कारण दोपहर में शहर की रौनक पूरी तरह से खत्म हो जा रही है। गुलजार रहने वाली सड़कें सूनी हो जा रही है। दोपहर में मार्गों पर आवागमन करते वहीं नजर आ रहा है, जिसकी कोई मजबूरी है। तप के कारण सड़कों से आग निकल रही है। सोमवार को पारा 42 के पार रहा, इससे हर कोई उमस और गर्मी से बेहाल रहा। मौसम की तल्खी से लोग खुले आसमान के नीचे आते से कतराते रहे। वहीं लोग धूप बीच निकले, जिनकी कुछ मजबूरी थी। गर्मी के जबरदस्त प्रभाव के आगे पंखा का हवा भी नाकाफी रही। लोग मौसम की तल्खी की चर्चा करते हुए कहते रहे कि जब अभी यह हाल है तो आने वाले दिनों में क्या होगा।
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