फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   जिले के अधिकांश विद्यालयों में है सुविधाओं का आभाव

जिले के अधिकांश विद्यालयों में है सुविधाओं का आभाव

Thu, 31 Aug 2017 11:08 PM IST
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:08 PM IST
विज्ञापन
जिले के अधिकांश विद्यालयों में है सुविधाओं का आभाव
30 फीसदी के विद्यालयों के भवन जर्जर
विज्ञापन


गाजीपुर। जिले के अधिकांश प्राथमिक विद्यालयों पर सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। कुर्सी-मेज तो दूर बिजली और पेयजल तक की समस्या का सामान रोजना बच्चों को करना पड़ रहा है। जनपद में संचालित 1953 प्राथमिक विद्यालयों में से 30 प्रतिशत विद्यालयों का भवन काफी जर्जर हो चुके हैं। कई जगहों पर तो विद्यालय आने- जाने के लिए खेत की पगड्डियों का सहारा लेना पड़ता है।
शहर के मुगलानीचक गांव और नई सब्जी मंडी स्थित प्राथमिक विद्यालय के भवन कई वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े हुए हैं। बरसात के दिनों में तो विद्यालय के परिसर में पानी भर जाता है। इसके चलते बच्चे विद्यालय आने से पूरी तरह कतराते है। मुगलानीचक गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के भवन कई वर्षो से जर्जर अवस्था में हो चुका है। बिजली कनेक्शन तो दूर शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। दुबिहा संवाददाता के अनुसार बाराचवर शिक्षा क्षेत्र में 127 प्राथमिक विद्यालय तथा 49 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इसमें करीब 18100 बच्चों को पढ़ाने वाले अध्यापकों की संख्या लगभग 600 है। इन सभी विद्यालयों स्थित शौचालय इस्तेमाल लायक नहीं है। उच्च प्राथमिक के बच्चों सहित प्राथमिक विद्यालय के बच्चें टाट- पट्टी और जमीन पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते है। अधिकांश विद्यालयों में विद्युतीकरण का कार्य नहीं हुआ है। प्राथमिक विद्यालय हरदासपुर का भवन क्षतिग्रस्त हो चुका है। चहारदीवारी न होने के चलते पशुओं से हमेशा बच्चों को खतरा बना रहता है। शौचालय के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है।
विज्ञापन

खड़हरा प्राथमिक विद्यालय के भी बच्चे जमीन पर टाट पर ही बैठकर पढ़ते है। इनके शौचालय बिल्कुल बेकार हो चुके है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोसलपुर का भवन जर्जर होने के साथ ही छत क्षतिग्रस्त हो चुका है। बरसात के दिनों में बच्चों को पढ़ाई करने में काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। प्राथमिक विद्यालय दुबिहा के एक परीसर में दो विद्यालय संचालित होते है। प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में केवल दो कमरों के सहारे ही अध्यापन कार्य होता है। इससें बच्चों को काफी दिक्कत होती है। बहुत दिनों से हैंडपंप से गंदा पानी निकलता है। जमानिया संवाददाता के अनुसार स्थानीयब्लाक में कुल 138 प्राथमिक तथा 50 उच्य प्राथमिक विद्यालय है। इसमें से लगभग सभी विद्यालयों में कुर्सी टेबुल की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं शौचालय 30 प्रतिशत विद्यालयोंमें नहीं है। इसमें दैवदही, अहिमनपुर, धुस्का, डेहरीया, नेवादा आदि गांवके प्राथमिक विद्यालय शामिल है। हैंडपंप से पानी 25 प्रतिशत प्राथमिक विद्यालय में पानी की सुविधा नहीं है। इसमें कबीरपुर, ढेवढ़ी, करमहरी, नेवादा, छतर का पूरा शामिल हैं। विद्यालयों में बच्चों की संख्या के सापेक्ष पुस्तक अब तक नब ीं आई है। वहीं सभी विषय के पुस्तक अब तक विद्यालय में नहीं पहुंची है। जिससे पठन-पाठन में परेशानीआ रही है। इस संबंध में एबीएसए सीता राम ओझा ने बताया कि जर्जर भवनों के मरम्मती करण के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। बजट आने के बाद कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed