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तीन घंटे तक स्पेशल ट्रेन में बैठे रहे 1200 मजदूर
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गाजीपुर। जिले में प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। बुधवार की रात अहमदाबाद, राजकोट और लालगढ़ से कुल तीन ट्रेनें बारी-बारी से गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इसमें कुल 968 प्रवासी मजदूर उतारे गए। सभी का थर्मल स्क्रीनिंग के बाद घर भेज दिया गया। बृहस्पतिवार की सुबह करीब 8:00 बजे दिल्ली के दनकौर से स्पेशल ट्रेन के गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद सभी प्रवासी मजदूरों को ट्रेन में बैठे रहने को कहा गया। इस ट्रेन में करीब 1200 प्रवासी मजदूर मौजूद थे। आलम यह था कि पूरी रात जागने के बाद प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी सुबह अपने-अपने आवास पर जा चुके थे। ऐसे में प्रवासी मजदूरों को ट्रेन में कैद रखा गया। सूचना दिए जाने के करीब तीन घंटे बाद किसी तरह अधिकारी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। उसके बाद एक-एक कर ट्रेन से प्रवासी मजदूरों को नीचे उतारा गया। सभी का रजिस्ट्रेशन के बाद स्क्रीनिंग की गई। फिर उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया गया।
उधर, रात को पहुंचने वाली ट्रेनों में अहमदाबाद से बलिया जाने वाली स्पेशल ट्रेन लगभग 10 मिनट तक गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर रुकी थी। इसमें कुल 35 प्रवासी मजदूर यहां उतारे गए, यह सभी जनपद के रहने वाले थे। इसी क्रम में राजकोट से गाजीपुर आने वाली ट्रेन में सवार 473 प्रवासी मजदूर भी यहां उतार दिए गए। जबकि लालगढ़ से गाजीपुर आने वाली स्पेशल ट्रेन से 460 प्रवासी मजदूरों को उतारा गया था। रात में आने वाले सभी प्रवासी मजदूरों को आला अफसरों की मौजूदगी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए खड़ा किया गया। उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रजिस्ट्रेशन किया गया। सबकी बारी-बारी से थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उनके स्वस्थ पाए जाने पर इन्हें विभिन्न साधनों से उनके गंतव्य तक भेजा दिया गया। प्रवासी मजदूरों के लिए रात में लंच पैकेट और चाय-नाश्ते की भी व्यवस्था की गई थी। सभी को 14 दिनों तक होम क्वरंटीन रहने को कहा गया है। उधर, सुबह करीब आठ बजे दिल्ली के दनकौन से गाजीपुर आने वाली श्रमिक स्पेेेशल ट्रेन में कुल 1200 प्रवासी मजदूर शामिल थे। इन्हें गाजीपुर पहुंचने के बाद भी काफी परेेशानी झेलनी पड़ी। स्टेेेशन पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के मौजूद न रहने की वजह से उन्हें तीन घंटे तक ट्रेन में ही कैद रहना पड़ा। बाद में सभी को नीचे उतारकर उनका रजिस्ट्रेशन और थर्मल स्क्रीनिंग किया गया।
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उधर, रात को पहुंचने वाली ट्रेनों में अहमदाबाद से बलिया जाने वाली स्पेशल ट्रेन लगभग 10 मिनट तक गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर रुकी थी। इसमें कुल 35 प्रवासी मजदूर यहां उतारे गए, यह सभी जनपद के रहने वाले थे। इसी क्रम में राजकोट से गाजीपुर आने वाली ट्रेन में सवार 473 प्रवासी मजदूर भी यहां उतार दिए गए। जबकि लालगढ़ से गाजीपुर आने वाली स्पेशल ट्रेन से 460 प्रवासी मजदूरों को उतारा गया था। रात में आने वाले सभी प्रवासी मजदूरों को आला अफसरों की मौजूदगी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए खड़ा किया गया। उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रजिस्ट्रेशन किया गया। सबकी बारी-बारी से थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उनके स्वस्थ पाए जाने पर इन्हें विभिन्न साधनों से उनके गंतव्य तक भेजा दिया गया। प्रवासी मजदूरों के लिए रात में लंच पैकेट और चाय-नाश्ते की भी व्यवस्था की गई थी। सभी को 14 दिनों तक होम क्वरंटीन रहने को कहा गया है। उधर, सुबह करीब आठ बजे दिल्ली के दनकौन से गाजीपुर आने वाली श्रमिक स्पेेेशल ट्रेन में कुल 1200 प्रवासी मजदूर शामिल थे। इन्हें गाजीपुर पहुंचने के बाद भी काफी परेेशानी झेलनी पड़ी। स्टेेेशन पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के मौजूद न रहने की वजह से उन्हें तीन घंटे तक ट्रेन में ही कैद रहना पड़ा। बाद में सभी को नीचे उतारकर उनका रजिस्ट्रेशन और थर्मल स्क्रीनिंग किया गया।
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