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Ghazipur News: साल में 120 लोग डूबे, फिर भी नदियाें, तालाबों-पोखरों पर न चेतावनी बोर्ड लगे न ही बैरिकेडिंग

Sat, 13 Jun 2026 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 12:00 AM IST
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120 people drowned in a year, yet neither warning boards nor barricades have been installed at the rivers, ponds, and pools.
बिना बैरिकेडिंग और संकेतक के गहमर गांव का नरवा घाट। संवाद
गाजीपुर। प्रशासन के मुताबिक एक वर्ष में जिले में नदियाें, तालाबों-पोखरों व विभिन्न जलस्रोतों में डूबने के कारण करीब 120 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन डीएम के निर्देश के बावजूद न तो यहां चेतावनी बोर्ड लगे न ही बैरिकेडिंग की गई।
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डीएम अनुपम शुक्ला ने चार जून को पत्र जारी किया था। उन्होंने सभी नगर निकाय के ईओ, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अभियंता देवकली पंप नहर खंड प्रथम को पत्र जारी करके निर्देश दिए थे कि जनपद के विभिन्न नदी घाटों, जल स्रोतों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करें। पत्र जारी होने के बाद शहर के अंदर सक्रियता दिखी, लेकिन अन्य नगर निकाय व ग्रामीण इलाकों में स्थिति जस की तस बनी हुई है। जिले में नदियों किनारे 51 घाट व 3500 से अधिक तालाब व पोखरे हैं।
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जिलाधिकारी ने पत्र जारी कर निर्देश दिया था कि जनपद के विभिन्न नदी घाटों एवं जल स्रोतों पर स्नान, आवागमन एवं अन्य गतिविधियों के दौरान डूबने की घटनाएं घटित होने की सूचना मिलती रहती हैं।
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जनपद के सभी प्रमुख घाटों, नहरों, तालाबों एवं अन्य जलाशयों पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। प्रमुख घाटों, तालाबों व पोखरों के यहां चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए। पत्र में यह भी जिक्र किया गया कि निर्देश का अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। किसी भी प्रकार की शिथिलिता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

केस नंबर एक - गहमर स्थित नरवाघाट पर गहराई अधिक है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दो महीने में तीन लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद बैरिकेडिंग लगाना तो दूर की बात यहां चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया गया है।
केस नंबर दो - जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र के मुडरभा गांव में आठ जून को एक दर्दनाक हादसे में दो जुड़वा भाइयों की पोखरे में डूबकर मौत हो गई। मृतक जुड़वा भाइयों की पहचान 16 वर्षीय हिमांशु यादव और प्रियांशु यादव के रूप में हुई थी, जो कक्षा 10 के छात्र थे।

ग्रामीण क्षेत्रों में जितने ग्रामीण घाट हैं, वहां चेतावनी बोर्ड लग रहा है। अगले सप्ताह तक चेतावनी बोर्ड लगाने का कार्य पूरा हो जाएगा। - रमेशचंद उपाध्याय, डीपीआरओ

नहरों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की जरूरत नहीं है। तकनीकी कारणों से पत्र में मेरे विभाग का जिक्र किया गया था। दिलदारनगर व भदौरा दो जगहों पर पहले से बैरियर लगाया गया है। - राजेंद्र चौधरी, अधिशासी अभियंता देवकली पंप नहर खंड प्रथम

शहर के पांच गंगा घाटाें पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है। बैरिकेडिंग लगाने का भी कार्य चल रहा है। - डीके राय, ईओ नगर पालिका गाजीपुर

नगर पंचायत क्षेत्र में कोई नदी घाट नहीं है। पोखरों के किनारे चेतावनी बोर्ड के साथ ही बैरिकेडिंग लगाने का कार्य किया जा रहा है। - सोनल जैन, ईओ सादात नगर पंचायत

बहादुरगंज नगर पंचायत क्षेत्र में कोई नदी, तालाब या पोखरा नहीं है। - डीके राय, प्रभारी ईओ बहादुरगंज नगर पंचायत

नगर पंचायत में पहले कभी कोई हादसा नहीं हुआ। अभी तालाब सूखे हुए हैं। अगर ऐसी परिस्थिति बनती है, तो चेतावनी बोर्ड लगवा दिया जाएगा। - संजय यादव, प्रभारी ईओ नगर पंचायत दिलदारनगर, एसडीएम सेवराई
आदेश का अनुपालन कराया जा रहा है। इसके लिए संबंधितों को निर्देशित किया जा रहा है और इसकी निगरानी की जा रही है। शहर में वाटर फ्लोटिंग लगाई जा रही है, ताकि घटनाओं में कमी लाई जा सके। - अनुपम शुक्ला, डीएम गाजीपुर

जब स्नान पर्व व भीड़-भाड़ का समय होता है, तो गंगा घाटों पर बैरियर लगाने के साथ ही चेतावनी बोर्ड भी लगाया जाता है। - संतोष कुमार, ईओ जमानिया नगर पालिका
डूबने से हुई मौतों का विवरण
-जून 2026 : नंदगंज थाना क्षेत्र के मुड़रभा गांव में एक पोखरे में नहाने गए दो जुड़वां भाइयों (हिमांशु और प्रियांशु) की डूबने से मौत हो गई।
अप्रैल 2026 : ताड़ीघाट के पास नाव से लौटते समय गंगा में गिरने से एक 12 वर्षीय छात्र (आकाश चौधरी) की डूबने से मौत हो गई।
नवंबर 2025 : शहर कोतवाली क्षेत्र के राजगंज चौकी अंतर्गत पोस्ता घाट पर अंतिम संस्कार में शामिल होने गए तीन किशोर गंगा में डूब गए।
मई 2026 : शादियाबाद थाना क्षेत्र के कनुवान गांव में गुरैनी-बलोरी नहर में नहाने गए दो सगे नाबालिग भाइयों की डूबने से मौत हो गई।
मई 2026 : सुहवल थाना क्षेत्र के गरुआ मकसूदपुर में गंगा नदी में डूबने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
मई 2026 : कासिमाबाद में तमसा नदी के करधान घाट पर खाना खाने के बाद टहलने गए 24 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई।
मई 2026 : सैदपुर के भीतरी जहानपुर निवासी 35 वर्षीय युवक की वाराणसी के कैथी घाट पर गंगा स्नान के दौरान डूबकर मौत हो गई।
अप्रैल 2026 : गहमर कोतवाली क्षेत्र के नरवा गंगा घाट पर दोस्तों के साथ नहाते समय पैर फिसलने से एक युवक की डूबकर मौत हो गई।
फरवरी 2026 : नगर के ददरीघाट पर स्नान के दौरान एक महिला गहरे पानी में डूबने लगी। उन्हें बचाने गए उनके पति भी बहने लगे थे। दोनों को स्थानीय गोताखोरों ने सुरक्षित बचा लिया था।

अक्टूबर 2025 : छठ पूजा की तैयारी के दौरान गहमर में एक बच्चा और एक महिला सहित दो अलग-अलग घटनाओं में गंगा नदी में डूब गए।

बिना बैरिकेडिंग और संकेतक के गहमर गांव का नरवा घाट। संवाद

बिना बैरिकेडिंग और संकेतक के गहमर गांव का नरवा घाट। संवाद

बिना बैरिकेडिंग और संकेतक के गहमर गांव का नरवा घाट। संवाद

बिना बैरिकेडिंग और संकेतक के गहमर गांव का नरवा घाट। संवाद

बिना बैरिकेडिंग और संकेतक के गहमर गांव का नरवा घाट। संवाद

बिना बैरिकेडिंग और संकेतक के गहमर गांव का नरवा घाट। संवाद

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