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मानदेय में वृद्धि होने तक जारी रहेगा हमारा धरना-प्रदर्शन
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गाजीपुर। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन से संबद्ध आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपने मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर मंगलवार को अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। शहर एवं सदर परियोजना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आरटीआई परिसर में आयोजित धरना सभा में जिला उपाध्यक्ष रेखा पासवान ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हमारे संगठन के प्रदेश अध्यक्ष से हुई मुलाकात में यह आश्वासन दिया था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में सरकार सम्मानजनक वृद्धि करेगी लेकिन आचार संहिता लागू होने में कुछ ही समय शेष है और सरकार निष्क्रिय बनी हुई है। मानदेय में वृद्धि होने तक हमारा धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
सभा में जिलाध्यक्ष आशा पटेल ने कहा हम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोशल वर्कर हैं। हम सोशल वर्करों को भारत सरकार चार घंटे की सेवा के बदले चार हजार मानदेय दे देती है जो नाकाफी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए एस्मा कानून हम पर लागू नहीं होता। हम न सरकारी कर्मचारी है, न संविदा कर्मी और न मजदूर हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लगाया गया एस्मा सरकारी कर्मचारियों पर लागू होता है, उससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। धरना में अनीता, सीमा, सरिता, संगीता, दिव्या, विमला, रीता, चंदा, फहमीदा, नसीमा, नाजनीन, समां, शीला, रिंकू, रेनू, रीना, रूबी, सुनीता सिह, निशा, संयोगिता, अनुपमा आदि दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संरक्षक सूरज प्रताप सिंह एवं संचालन सगुन भारती ने किया।
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सभा में जिलाध्यक्ष आशा पटेल ने कहा हम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोशल वर्कर हैं। हम सोशल वर्करों को भारत सरकार चार घंटे की सेवा के बदले चार हजार मानदेय दे देती है जो नाकाफी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए एस्मा कानून हम पर लागू नहीं होता। हम न सरकारी कर्मचारी है, न संविदा कर्मी और न मजदूर हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लगाया गया एस्मा सरकारी कर्मचारियों पर लागू होता है, उससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। धरना में अनीता, सीमा, सरिता, संगीता, दिव्या, विमला, रीता, चंदा, फहमीदा, नसीमा, नाजनीन, समां, शीला, रिंकू, रेनू, रीना, रूबी, सुनीता सिह, निशा, संयोगिता, अनुपमा आदि दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संरक्षक सूरज प्रताप सिंह एवं संचालन सगुन भारती ने किया।
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