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लोक अदालत में विभिन्न विभागों के वादों का हुआ निस्तारण
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:33 PM IST
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गाजीपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न वादों का निस्तरण कर 20, 000 से अधिक लोगों को लाभांवित किया गया।
शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी की देखरेख में जिला न्यायालय, राजस्व न्यायालय, चकबंदी न्यायालय, संभागीय परिवहन विभाग, विद्युत एवं दूरसंचार विभाग के साथ ही अन्य सरकारी, अर्ध सरकारी, शासकीय निकायों, प्रतिष्ठानों एवं उपक्रमों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरूआत प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने जिला न्यायालय के मुख्य सभागार में की। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न अनुभागों से प्राप्त आंकड़ों एवं विवरणों से यह पता चला है कि इस बार पहले की अपेक्षा ज्यादा वादों एवं प्रकरणों का निस्तारण किया गया है। पूर्व की अपेक्षा अधिक धनराशि के मामले अंतिम रूप से निस्तारित हुए हैं। लोक अदालत के माध्यम से लगभग 20,000 से ज्यादा लोग परोक्ष एवं प्रत्यक्ष रूप से लाभांवित हुए हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों के मामले, दूरसंचार के मामले तथा मोटर वाहन के चालान, उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र संबंधी वाद तथा पुलिस द्वारा प्रेषित अंतिम आख्या के मामले शामिल हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी प्रकार के 19000 मामले अंतिम रूप से निस्तारित किए गए। जिससे 30,000 से ज्यादा लोगों को लाभांवित किया गया। करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये के आर्थिक रूप से विनियमित मामले निस्तारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न अदालतों द्वारा निस्तारित वादों का विवरण प्रस्तुत किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सत्यजीत पाठक द्वारा बताया गया कि इस बार की राष्ट्रीय लोक अदालत पहले लोक अदालत के तीन माह बाद आयोजित हुई है।
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शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी की देखरेख में जिला न्यायालय, राजस्व न्यायालय, चकबंदी न्यायालय, संभागीय परिवहन विभाग, विद्युत एवं दूरसंचार विभाग के साथ ही अन्य सरकारी, अर्ध सरकारी, शासकीय निकायों, प्रतिष्ठानों एवं उपक्रमों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरूआत प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने जिला न्यायालय के मुख्य सभागार में की। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न अनुभागों से प्राप्त आंकड़ों एवं विवरणों से यह पता चला है कि इस बार पहले की अपेक्षा ज्यादा वादों एवं प्रकरणों का निस्तारण किया गया है। पूर्व की अपेक्षा अधिक धनराशि के मामले अंतिम रूप से निस्तारित हुए हैं। लोक अदालत के माध्यम से लगभग 20,000 से ज्यादा लोग परोक्ष एवं प्रत्यक्ष रूप से लाभांवित हुए हैं।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों के मामले, दूरसंचार के मामले तथा मोटर वाहन के चालान, उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र संबंधी वाद तथा पुलिस द्वारा प्रेषित अंतिम आख्या के मामले शामिल हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी प्रकार के 19000 मामले अंतिम रूप से निस्तारित किए गए। जिससे 30,000 से ज्यादा लोगों को लाभांवित किया गया। करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये के आर्थिक रूप से विनियमित मामले निस्तारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न अदालतों द्वारा निस्तारित वादों का विवरण प्रस्तुत किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सत्यजीत पाठक द्वारा बताया गया कि इस बार की राष्ट्रीय लोक अदालत पहले लोक अदालत के तीन माह बाद आयोजित हुई है।
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