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काम नहीं, शोपीस साबित हो रहे सीसीटीवी कैमरे
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:52 PM IST
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गाजीपुर। शहर की तीसरी आंख कहे जाने वाले सीसीटीवी कैमरों की निगहबानी बंद हो गई है। चौराहों पर ये अपनी उपस्थिति का एहसास जरूर करा रहे हैं लेकिन इनके उपस्थित रहने का फायदा नहीं मिल पा रहा है। शहर में आने-जाने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस प्रशासन की तरफ से महुआबाग, विशेश्वरगंज चौराहा और लंका तिराहे पर महीनों पहले सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे, ताकि नगर में कोई आपराधिक वारदात होने पर सीसीटीवी फुटेज देख कर संदिग्ध नजर आने वाले व्यक्ति की जांच-पड़ताल शुरू की जा सके, लेकिन ये कैमरे महीनों से शोपीस बने हुए हैं। इससे नगरवासियों में यह चर्चा हो रही है कि ये कैमरे काम के लिए नहीं, सिर्फ नाम करने के लिए लगाए गए हैं।
आपराधिक घटनाओं के खुलासा में सीसीटीवी की वजह से काफी मदद मिल रही है। यही कारण है कि लोग दुकानों के साथ ही घरों में इसका प्रयोग कर रहे हैं, ताकि वह दुकान और घर में आने-जाने वालों की हर गतिविधियों पर नजर रख सकें। कई आपराधिक घटनाओं का खुलासा पुलिस सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखने के बाद कर चुकी है। मालूम हो कि कुछ वर्ष पूर्व शहर के सकलेनाबाद स्थित एक बैंक के पास दिन में करीब 11 बजे बाइक सवार बदमाश एक कंपनी के मैनेजर को गोली मार कर उससे 28 लाख रुपया लूट कर फरार हो गए थे। उपचार के दौरान मैनेजर की मौत हो गई थी। इस वारदात ने पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया था। इस संगीन वारदात के बाद पुलिस प्रशासन ने यह निर्णय लिया था कि नगर में आने वालों पर निगरानी रखने के लिए प्रमुख तिराहों-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया जाएगा। इस निर्णय के बाद पुलिस प्रशासन ने नगर के महुआबाग, विशेश्वरगंज चौराहा और लंका तिराहे पर सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया। जानकारों की मानें तो इन कैमरों ने कुछ माह ही लोगों पर नजर रखी। इसके बाद से यह कैमरे शोपीस पड़े हैं। लंका पर लगे कैमरों की नजर सड़क की बजाय आसमान की तरफ है। इन कैमरों पर जब लोगों की नजर पड़ रही है तो उनके मुंह से यह बात निकल जा रही है कि पुलिस प्रशासन द्वारा लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाए गए ये कैमरे काम नहीं, सिर्फ नाम के लिए लगाए गए हैं।
मेरे संज्ञान में यह बात नहीं थी कि नगर के तिराहों-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। अगर ऐसा है तो इसके संचालन से जुड़े लोगों से बातचीत कर जल्द से जल्द कैमरों को चालू कराया जाएगा। हृदयानंद सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर
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आपराधिक घटनाओं के खुलासा में सीसीटीवी की वजह से काफी मदद मिल रही है। यही कारण है कि लोग दुकानों के साथ ही घरों में इसका प्रयोग कर रहे हैं, ताकि वह दुकान और घर में आने-जाने वालों की हर गतिविधियों पर नजर रख सकें। कई आपराधिक घटनाओं का खुलासा पुलिस सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखने के बाद कर चुकी है। मालूम हो कि कुछ वर्ष पूर्व शहर के सकलेनाबाद स्थित एक बैंक के पास दिन में करीब 11 बजे बाइक सवार बदमाश एक कंपनी के मैनेजर को गोली मार कर उससे 28 लाख रुपया लूट कर फरार हो गए थे। उपचार के दौरान मैनेजर की मौत हो गई थी। इस वारदात ने पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया था। इस संगीन वारदात के बाद पुलिस प्रशासन ने यह निर्णय लिया था कि नगर में आने वालों पर निगरानी रखने के लिए प्रमुख तिराहों-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया जाएगा। इस निर्णय के बाद पुलिस प्रशासन ने नगर के महुआबाग, विशेश्वरगंज चौराहा और लंका तिराहे पर सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया। जानकारों की मानें तो इन कैमरों ने कुछ माह ही लोगों पर नजर रखी। इसके बाद से यह कैमरे शोपीस पड़े हैं। लंका पर लगे कैमरों की नजर सड़क की बजाय आसमान की तरफ है। इन कैमरों पर जब लोगों की नजर पड़ रही है तो उनके मुंह से यह बात निकल जा रही है कि पुलिस प्रशासन द्वारा लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाए गए ये कैमरे काम नहीं, सिर्फ नाम के लिए लगाए गए हैं।
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मेरे संज्ञान में यह बात नहीं थी कि नगर के तिराहों-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। अगर ऐसा है तो इसके संचालन से जुड़े लोगों से बातचीत कर जल्द से जल्द कैमरों को चालू कराया जाएगा। हृदयानंद सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर
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