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जर्जर सड़क पर उड़ रही धूल, लोग परेशान
Updated Tue, 22 May 2018 11:04 PM IST
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मतसा(गाजीपुर)। सैय्यदराजा-जमानिया-गाजीपुर राष्ट्रीय राज मार्ग 97 (24) पर उ़ड़ रहे धूल के गुबार से आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंखों में धूल पड़ने के कारण जहां बाइक सवार गिर कर घायल हो रहे हैं। वहीं धूल की वजह से सेहत पर खराब प्रभाव पड़ रहा है। सड़क की पटरियों पर घरों में रहने वालों का जीना मुहाल हो गया है। परेशान लोगों का कहना है कि जब तक सड़क की मरम्मत नहीं हो रही है, तब तक धूल से बचाव के लिए पानी का छिड़काव कराया जाए।
राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बद से बदतर हो गई है। मार्ग पर कई स्थानों पर काफी काफी दूरी तक पिच का की अता-पता नहीं है। बड़े-बड़े गड्ढों के साथ मिट्टी और गिट्टियां इधर-उधर बिखरी हुई है। इस मार्ग पर हर समय बड़े वाहनों का आवागमन होता रहता है। खास कर ट्रकों के गुजरने के दौरान धूल उड़ने लग रही है। आलम यह हो जा रहा कि आगे चलने वाले वाहन के पीछे चलने वाले लोगों को मार्ग दिखाई नहीं दे रहा है। इस दौरान धूल जाने से आंखें बंद होने से बाइक सवार आए दिन अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं। आंखों के बचाव के लिए वाहन चालकों को चश्मा का उपयोग करना पड़ रहा है। त्वचा की रक्षा के लिए मुंह बांधना पड़ रहा है। सड़क के किनारे स्थित मकानों में रहने वालों का धूल की वजह से जीना दुश्वार हो गया है। लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सड़क पर प्रतिदिन पानी छिड़काव की मांग की है, जिससे राहत मिल सके।
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राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बद से बदतर हो गई है। मार्ग पर कई स्थानों पर काफी काफी दूरी तक पिच का की अता-पता नहीं है। बड़े-बड़े गड्ढों के साथ मिट्टी और गिट्टियां इधर-उधर बिखरी हुई है। इस मार्ग पर हर समय बड़े वाहनों का आवागमन होता रहता है। खास कर ट्रकों के गुजरने के दौरान धूल उड़ने लग रही है। आलम यह हो जा रहा कि आगे चलने वाले वाहन के पीछे चलने वाले लोगों को मार्ग दिखाई नहीं दे रहा है। इस दौरान धूल जाने से आंखें बंद होने से बाइक सवार आए दिन अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं। आंखों के बचाव के लिए वाहन चालकों को चश्मा का उपयोग करना पड़ रहा है। त्वचा की रक्षा के लिए मुंह बांधना पड़ रहा है। सड़क के किनारे स्थित मकानों में रहने वालों का धूल की वजह से जीना दुश्वार हो गया है। लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सड़क पर प्रतिदिन पानी छिड़काव की मांग की है, जिससे राहत मिल सके।
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