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ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं का बैनर लेकर किया प्रदर्शन
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दुल्लहपुर(गाजीपुर)। वर्षों बाद भी सड़क की दशा न सुधारने से आक्रोशित टड़वा टप्पा गांव के लोगों का रविवार को गुस्सा फूट पड़ा। रोड नहीं तो वोट नहीं, सभी पार्टियों ने हमें धोखा दिया। वोट फार नोटा लिखा बैनर लेकर दर्जनों महिला-पुरुषों ने धरना-प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि टड़वा टप्पा गांव की आवादी 22 सौ है। यह गांव जिले की सीमा पर बसा है। गाजीपुर-आजमगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग से टड़वा टप्पा गांव को जोड़ने वाली सड़क की दशा 25 वर्षों से खराब है। इससे आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग के गड्ढों की वजह से लोग आए दिन गिर कर घायल हो रहे हैं। बारिश के मौसम में आवागमन की दुश्वारियां और भी बढ़ जा रही है। पानी-कीचड़ की वजह से वाहन के गांव में आ पाने से शादी के दौरान दूल्हे को कंधे पर बैठा कर लाना पड़ता है। कहा कि सड़क की दशा सुधारने के लिए पूर्व सांसद तूफानी सरोज, पूर्व विधायक सुब्बा राम, विधायक त्रिवेणीराम और संचार-रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा जैसे जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। इसलिए आज हम लोगों को रोड नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगाने को विवश होना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन करने वालों में प्रदीप कुशवाहा, प्रधान हरिवंश चौहान, रामजन्म चौहान, विजय पांडेय, राकेश पांडेय, रामदिलाश कुशवाहा, वेहफू राम, फूलचंद प्रजापति, फुलझड़ी देवी, वसीर अहमद, कतवारू बनवासी, सीताबाई, गुलाएची, इंद्रवती, प्रभारन, सुगिया, सुखिया सहित दर्जनों लोग शामिल थे।
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इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि टड़वा टप्पा गांव की आवादी 22 सौ है। यह गांव जिले की सीमा पर बसा है। गाजीपुर-आजमगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग से टड़वा टप्पा गांव को जोड़ने वाली सड़क की दशा 25 वर्षों से खराब है। इससे आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग के गड्ढों की वजह से लोग आए दिन गिर कर घायल हो रहे हैं। बारिश के मौसम में आवागमन की दुश्वारियां और भी बढ़ जा रही है। पानी-कीचड़ की वजह से वाहन के गांव में आ पाने से शादी के दौरान दूल्हे को कंधे पर बैठा कर लाना पड़ता है। कहा कि सड़क की दशा सुधारने के लिए पूर्व सांसद तूफानी सरोज, पूर्व विधायक सुब्बा राम, विधायक त्रिवेणीराम और संचार-रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा जैसे जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। इसलिए आज हम लोगों को रोड नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगाने को विवश होना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन करने वालों में प्रदीप कुशवाहा, प्रधान हरिवंश चौहान, रामजन्म चौहान, विजय पांडेय, राकेश पांडेय, रामदिलाश कुशवाहा, वेहफू राम, फूलचंद प्रजापति, फुलझड़ी देवी, वसीर अहमद, कतवारू बनवासी, सीताबाई, गुलाएची, इंद्रवती, प्रभारन, सुगिया, सुखिया सहित दर्जनों लोग शामिल थे।
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