{"_id":"111-29182","slug":"Ghaziabad-29182-111","type":"story","status":"publish","title_hn":"एयरपोर्ट अधिकारी की पत्नी और उसके प्रेमी को सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एयरपोर्ट अधिकारी की पत्नी और उसके प्रेमी को सजा
Ghaziabad
Updated Thu, 18 Jul 2013 05:32 AM IST
विज्ञापन
गाजियाबाद। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर तैनात रहे कस्टमर केयर सर्विस अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कोर्ट ने उसकी पत्नी और पत्नी के प्रेमी को दोषी माना है। अपर सत्र एवं जिला न्यायाधीश-14 गजेंद्र कुमार ने दोषियों को चार-चार साल कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सरकारी वकील सुरेश यादव ने बताया कि मामला सिहानी गेट थाना क्षेत्र के नेहरू नगर थर्ड ए का है। मुकेश श्रीवास्तव अपनी पत्नी परमजीत कौर के साथ यहां रहता था। मुकेश दिल्ली स्थित आईजीआई एयरपोर्ट पर कस्टमर केयर सर्विस अधिकारी के पद पर काम करता था। तीन बच्चों की मां परमजीत के पड़ोसी विनोद नागर से अवैध संबंध हो गए थे। इसका पता चलने पर मुकेश ने अपनी पत्नी को काफी समझाया भी, मगर उस पर कोई असर नहीं हुआ। पत्नी की बेवफाई से परेशान मुकेश ने 12 अप्रैल 2006 को सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार पत्नी और पड़ोसी विनोद नागर को ठहराया था। मृतक के भाई संजय श्रीवास्तव ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में परमजीत की 20 वर्षीया बेटी ने भी अपनी मां के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी थी।
मामला एडीजे-14 गजेंद्र कुमार की कोर्ट में विचाराधीन था। बुधवार को कोर्ट ने आरोपी परमजीत कौर और उसके प्रेमी विनोद नागर को दोषी करार देते हुए चार-चार साल कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी वकील सुरेश यादव ने बताया कि मामला सिहानी गेट थाना क्षेत्र के नेहरू नगर थर्ड ए का है। मुकेश श्रीवास्तव अपनी पत्नी परमजीत कौर के साथ यहां रहता था। मुकेश दिल्ली स्थित आईजीआई एयरपोर्ट पर कस्टमर केयर सर्विस अधिकारी के पद पर काम करता था। तीन बच्चों की मां परमजीत के पड़ोसी विनोद नागर से अवैध संबंध हो गए थे। इसका पता चलने पर मुकेश ने अपनी पत्नी को काफी समझाया भी, मगर उस पर कोई असर नहीं हुआ। पत्नी की बेवफाई से परेशान मुकेश ने 12 अप्रैल 2006 को सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार पत्नी और पड़ोसी विनोद नागर को ठहराया था। मृतक के भाई संजय श्रीवास्तव ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
इस मामले में परमजीत की 20 वर्षीया बेटी ने भी अपनी मां के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी थी।
मामला एडीजे-14 गजेंद्र कुमार की कोर्ट में विचाराधीन था। बुधवार को कोर्ट ने आरोपी परमजीत कौर और उसके प्रेमी विनोद नागर को दोषी करार देते हुए चार-चार साल कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन