{"_id":"111-23198","slug":"Ghaziabad-23198-111","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंडन से भरी हुंकार, अब दिल्ली में दहाड़ेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंडन से भरी हुंकार, अब दिल्ली में दहाड़ेंगे
Ghaziabad
Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST
विज्ञापन
गाजियाबाद। पिछले 30 सालों से चली आ रही हाईकोर्ट बेंच की लड़ाई में पहली बार 18 जिलों के वकीलों का उग्र रूप गाजियाबाद ने देखा। हिंडन किनारे जमा वकीलों ने ऐलान किया कि हिंडन पर प्रदर्शन मात्र ट्रेलर था। पूरी फिल्म दिल्ली में दिखाई जाएगी।
पश्चिमी यूपी हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति के आह्वान पर 18 जिलों के अधिवक्ता सड़क पर उतरे। सैकड़ों अधिवक्ताओं ने हिंडन पुल के पास ऐसा जाम लगाया कि पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। इससे पूर्व वकीलों ने कचहरी में सभी कोर्ट को बंद कराया। सुबह सबसे पहले बार अध्यक्ष भारतेंदु शर्मा और सचिव गिरिराज सिंह के नेतृत्व में वकीलों ने कचहरी के मेन गेट पर कटीलें तार लगाकर बंद कर दिया। आरडीसी की ओर खुलने वाले गेट पर भी ताले डाल दिए। टैक्स एडवोकेट संघ के महासचिव जावेद खान सैफ के नेतृत्व में भी बड़ी संख्या में वकील इस आंदोलन में शामिल हो गए। इसके बाद वकील पैदल ही हिंडन पुल पर पहुंचे। गैर जिलों से अधिवक्ता यहां अपने वाहनों और बसों में सवार होकर पहुंचे। जीटी रोड पर राजनगर एक्सटेंशन कट के पास वकीलों ने अपनी बसों को आड़ा-तिरछा खड़ा करके ट्रैफिक पूरी तरह से रोक दिया। साईं उपवन पर भी बैरिकेडिंग कर दी। इससे मेरठ तिराहे से लेकर करहेडा कट तक वाहनों की कतार लग गई। बाद में पुलिस ने वाहनों को दूसरे मार्ग से डायवर्ट किया। डीएम अपर्णा उपाध्याय को ज्ञापन सौंपने के बाद दोपहर करीब 3 बजे वकील यहां से हटे तो यातायात सुचारु हुआ।
पूर्व एमपी को बीच में ही छोड़ना पड़ा भाषण
आंदोलन को अपना समर्थन देने पहुंचे कांग्र्रेस के पूर्व सांसद सुरेंद्र प्रकाश गोयल को उस समय मंच से उतरना पड़ा, जब भाषण शुरू करते हुए कुछ वकीलों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध कर रहे वकील मंच पर ही चढ़ गए। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। कुछ वकीलों ने समझाना भी चाहा, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं था। आखिर सुरेंद्र गोयल को मंच से नीचे उतरना पड़ा। इसके बाद भी वे वहीं वकीलों के बीच में काफी देर तक बैठे रहे।
विज्ञापन
जोरदार तरीके से उठाई थी मांग
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष व शहर सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि वे लंबे समय वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपनी सरकार के दौरान उन्होंने बेंच की बात जोरदार तरीके से उठाई थ्ाी। लेकिन सरकार गिरने के कारण मामला अधर में लटक गया।
हाईकोर्ट बेंच मेरठ में बननी चाहिए
हापुड़। सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि मेरठ में हाईकोर्ट बेंच बनाने की मांग वह पहले से ही करते आ रहे हैं। लोकसभा में प्राइवेट विधेयक उन्होंने पेश भी किया था, जिसमें सभी तर्क दिया था कि मेरठ में हाईकोर्ट बेंच क्यों बनना चाहिए।
विज्ञापन
पश्चिमी यूपी हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति के आह्वान पर 18 जिलों के अधिवक्ता सड़क पर उतरे। सैकड़ों अधिवक्ताओं ने हिंडन पुल के पास ऐसा जाम लगाया कि पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। इससे पूर्व वकीलों ने कचहरी में सभी कोर्ट को बंद कराया। सुबह सबसे पहले बार अध्यक्ष भारतेंदु शर्मा और सचिव गिरिराज सिंह के नेतृत्व में वकीलों ने कचहरी के मेन गेट पर कटीलें तार लगाकर बंद कर दिया। आरडीसी की ओर खुलने वाले गेट पर भी ताले डाल दिए। टैक्स एडवोकेट संघ के महासचिव जावेद खान सैफ के नेतृत्व में भी बड़ी संख्या में वकील इस आंदोलन में शामिल हो गए। इसके बाद वकील पैदल ही हिंडन पुल पर पहुंचे। गैर जिलों से अधिवक्ता यहां अपने वाहनों और बसों में सवार होकर पहुंचे। जीटी रोड पर राजनगर एक्सटेंशन कट के पास वकीलों ने अपनी बसों को आड़ा-तिरछा खड़ा करके ट्रैफिक पूरी तरह से रोक दिया। साईं उपवन पर भी बैरिकेडिंग कर दी। इससे मेरठ तिराहे से लेकर करहेडा कट तक वाहनों की कतार लग गई। बाद में पुलिस ने वाहनों को दूसरे मार्ग से डायवर्ट किया। डीएम अपर्णा उपाध्याय को ज्ञापन सौंपने के बाद दोपहर करीब 3 बजे वकील यहां से हटे तो यातायात सुचारु हुआ।
विज्ञापन
पूर्व एमपी को बीच में ही छोड़ना पड़ा भाषण
आंदोलन को अपना समर्थन देने पहुंचे कांग्र्रेस के पूर्व सांसद सुरेंद्र प्रकाश गोयल को उस समय मंच से उतरना पड़ा, जब भाषण शुरू करते हुए कुछ वकीलों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध कर रहे वकील मंच पर ही चढ़ गए। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। कुछ वकीलों ने समझाना भी चाहा, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं था। आखिर सुरेंद्र गोयल को मंच से नीचे उतरना पड़ा। इसके बाद भी वे वहीं वकीलों के बीच में काफी देर तक बैठे रहे।
विज्ञापन
जोरदार तरीके से उठाई थी मांग
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष व शहर सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि वे लंबे समय वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपनी सरकार के दौरान उन्होंने बेंच की बात जोरदार तरीके से उठाई थ्ाी। लेकिन सरकार गिरने के कारण मामला अधर में लटक गया।
हाईकोर्ट बेंच मेरठ में बननी चाहिए
हापुड़। सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि मेरठ में हाईकोर्ट बेंच बनाने की मांग वह पहले से ही करते आ रहे हैं। लोकसभा में प्राइवेट विधेयक उन्होंने पेश भी किया था, जिसमें सभी तर्क दिया था कि मेरठ में हाईकोर्ट बेंच क्यों बनना चाहिए।