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सेकेंड फेज मेट्रो एक अप्रैल से
Ghaziabad
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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गाजियाबाद। दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक 2016 में मेट्रो दौड़ने लगेगी। डीएमआरसी ने जीडीए को पत्र भेजकर सेकेंड फेज मेट्रो का काम एक अप्रैल 2013 से शुरू करने की जानकारी दी है।
डीएमआरसी ने 31 मार्च 2016 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है। हालांकि इसके साथ ही एक नया पेंच भी आ गया है। प्रोजेक्ट की निर्माण लागत में इजाफा होने से इसका इस्टीमेट 180 करोड़ रुपये बढ़ गया है। रिवाइज्ड फंडिंग पैटर्न के मुताबिक अब पूरे प्रोजेक्ट की लागत 1591 करोड़ से बढ़कर 1770 करोड़ रुपये हो गई है।
शासन से मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद जीडीए ने डीएमआरसी को एमओयू साइन करने के लिए औपचारिक पत्र भेजा था। इसके जवाब में मंगलवार को डीएमआरसी के जीएम (कंसलटेंसी सर्विसेज) प्रमीत कुमार गर्ग ने जीडीए उपाध्यक्ष को पत्र भेजा है।
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इस पत्र में बताए गए फंडिंग पैटर्न के मुताबिक जीडीए का अंश 991 करोड़ रुपये की जगह 1116.6 करोड़ रुपये हो गया है। नए फंडिंग पैटर्न के मुताबिक अब जीडीए को इसके लिए अतिरिक्त 125.6 करोड़ रुपये का इंतजाम करना होगा।
प्रोजेक्ट की पूर्व और रिवाइज्ड कास्ट
कुल प्रोजेक्ट लागत 1591 करोड़ रुपये से बढ़कर हुई 1770 करोड़। केंद्र सरकार का अंश 344 करोड़ से बढ़कर 397.4 करोड़ और प्रदेश सरकार के विभागों का अंश 991 करोड़ रुपये से बढ़कर हुआ 1116.6 करोड़ देंगे। डीएमआरसी का अंश 256 करोड़ ही रहेगा।
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डीएमआरसी ने 31 मार्च 2016 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है। हालांकि इसके साथ ही एक नया पेंच भी आ गया है। प्रोजेक्ट की निर्माण लागत में इजाफा होने से इसका इस्टीमेट 180 करोड़ रुपये बढ़ गया है। रिवाइज्ड फंडिंग पैटर्न के मुताबिक अब पूरे प्रोजेक्ट की लागत 1591 करोड़ से बढ़कर 1770 करोड़ रुपये हो गई है।
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शासन से मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद जीडीए ने डीएमआरसी को एमओयू साइन करने के लिए औपचारिक पत्र भेजा था। इसके जवाब में मंगलवार को डीएमआरसी के जीएम (कंसलटेंसी सर्विसेज) प्रमीत कुमार गर्ग ने जीडीए उपाध्यक्ष को पत्र भेजा है।
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इस पत्र में बताए गए फंडिंग पैटर्न के मुताबिक जीडीए का अंश 991 करोड़ रुपये की जगह 1116.6 करोड़ रुपये हो गया है। नए फंडिंग पैटर्न के मुताबिक अब जीडीए को इसके लिए अतिरिक्त 125.6 करोड़ रुपये का इंतजाम करना होगा।
प्रोजेक्ट की पूर्व और रिवाइज्ड कास्ट
कुल प्रोजेक्ट लागत 1591 करोड़ रुपये से बढ़कर हुई 1770 करोड़। केंद्र सरकार का अंश 344 करोड़ से बढ़कर 397.4 करोड़ और प्रदेश सरकार के विभागों का अंश 991 करोड़ रुपये से बढ़कर हुआ 1116.6 करोड़ देंगे। डीएमआरसी का अंश 256 करोड़ ही रहेगा।