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१०० रुपये के लिए बच्चे को स्कूल से निकाला
Ghaziabad
Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
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स्कूल की मनमानी का शिकार हुआ चौथी क्लास का तनीश
साहिबाबाद। भले ही सुप्रीम कोर्ट पब्लिक स्कूल में राइट टू एजुकेशन लागू करने पर गंभीर है, मगर मंगलवार को साहिबाबाद के एक स्कूल ने इन निर्देशों की धज्जियां उड़ा दी। 100 रुपये के लिए एक छात्र को स्कूल से निकाल दिया। हालांकि स्कूल प्रबंधन बच्चे का नाम काटने से इनकार कर रहा है।
साहिबाबाद के जनकपुरी इलाके में मदन लाल मेमोरियल स्कूल की चौथी क्लास के छात्र तनिश के पिता ने 07 अप्रैल को किताबें खरीदी। किताबों की कीमत 2765 रुपए थी। उस समय पिता बृजेश गुप्ता ने स्कूल प्रबंधन में दो हजार रुपये जमा कराए। बकाया 765 रुपए जमा करने के लिए प्रबंधन ने उन्हें एक महीने का समय दिया। पैसा नहीं देने पर 100 रुपए जुर्माने का नोटिस भी दिया।
मंगलवार को बृजेश गुप्ता सुबह तनिश को स्कूल छोड़ने गए तो बकाया राशि जमा करने के लिए कुछ दिन का समय मांगा। इस पर उन्हें नौ बजे आने को कहा गया। जब बृजेश दोबारा नौ बजे स्कूल पहुंचे तो उनसे दो टूक शब्दों में कह दिया गया कि हर हाल में 10 मई तक पैसा जमा करा दें। बृजेश ने कहा कि बकाया 765 रुपए 11 मई को जमा करेंगे और जुर्माने के 100 रुपए देने में असमर्थता जताई। इस पर स्कूल प्रबंधन ने तनिश की पढ़ाई जारी रखने से इनकार कर दिया। लाचार बृजेश तनिश को लेकर घर लौट गए। पिता बृजेश गुप्ता का कहना है कि स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी कर रहा है। स्कूल पिछले तीन महीने से एडंवास फीस जमा करा रहा है और जरा देरी पर फाइन की धमकी दे रहा है। अब ऐसे स्कूल में बच्चे की पढ़ाई नहीं करानी है। रुंधे गले से बृजेश बोले, किताबों के बकाए राशि को जमा करने से अब भी इनकार नहीं कर रहा हूं, मगर अतिरिक्त 100 रुपए के लिए मेरे बेटे को स्कूल से निकाल दिया।
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साहिबाबाद। भले ही सुप्रीम कोर्ट पब्लिक स्कूल में राइट टू एजुकेशन लागू करने पर गंभीर है, मगर मंगलवार को साहिबाबाद के एक स्कूल ने इन निर्देशों की धज्जियां उड़ा दी। 100 रुपये के लिए एक छात्र को स्कूल से निकाल दिया। हालांकि स्कूल प्रबंधन बच्चे का नाम काटने से इनकार कर रहा है।
साहिबाबाद के जनकपुरी इलाके में मदन लाल मेमोरियल स्कूल की चौथी क्लास के छात्र तनिश के पिता ने 07 अप्रैल को किताबें खरीदी। किताबों की कीमत 2765 रुपए थी। उस समय पिता बृजेश गुप्ता ने स्कूल प्रबंधन में दो हजार रुपये जमा कराए। बकाया 765 रुपए जमा करने के लिए प्रबंधन ने उन्हें एक महीने का समय दिया। पैसा नहीं देने पर 100 रुपए जुर्माने का नोटिस भी दिया।
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मंगलवार को बृजेश गुप्ता सुबह तनिश को स्कूल छोड़ने गए तो बकाया राशि जमा करने के लिए कुछ दिन का समय मांगा। इस पर उन्हें नौ बजे आने को कहा गया। जब बृजेश दोबारा नौ बजे स्कूल पहुंचे तो उनसे दो टूक शब्दों में कह दिया गया कि हर हाल में 10 मई तक पैसा जमा करा दें। बृजेश ने कहा कि बकाया 765 रुपए 11 मई को जमा करेंगे और जुर्माने के 100 रुपए देने में असमर्थता जताई। इस पर स्कूल प्रबंधन ने तनिश की पढ़ाई जारी रखने से इनकार कर दिया। लाचार बृजेश तनिश को लेकर घर लौट गए। पिता बृजेश गुप्ता का कहना है कि स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी कर रहा है। स्कूल पिछले तीन महीने से एडंवास फीस जमा करा रहा है और जरा देरी पर फाइन की धमकी दे रहा है। अब ऐसे स्कूल में बच्चे की पढ़ाई नहीं करानी है। रुंधे गले से बृजेश बोले, किताबों के बकाए राशि को जमा करने से अब भी इनकार नहीं कर रहा हूं, मगर अतिरिक्त 100 रुपए के लिए मेरे बेटे को स्कूल से निकाल दिया।
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