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आवारा मवेशी बने राहगीरों के लिए बवाल-ए-जान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Oct 2016 02:14 AM IST
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कसबे के मार्ग पर खड़े आवारा मवेशियों का झुंड।
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्य मार्गों व गांवों की ओर जाने वाले संपर्क मार्गों पर आवारा पशु बेरोकटोक घूम रहे हैं। इसकारण आए दिन लोग चुटहिल होते हैं। इनकी रोकथाम के लिए प्रशासन ने अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं।
झींझक कस्बे के मुख्य मार्ग तथा संपर्क मार्ग करियाझाला रोड, खमहैला रोड, किशौरा रोड, कंचौसी रोड आदि मार्गों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा रहता है। ग्रामीण बताते हैं कि दुपहिया वाहन चालक जैसे ही पशुओं के बीच से निकलने की कोशिश करते हैं तो अक्सर वे सींगों से टक्कर मारने दौड़ पड़ते हैं। इससे चालक बेकाबू होकर सड़क पर वाहन समेत गिर जाते हैं और घायल हो जाते हैं।
क्षेत्र के बिन्नू सिंह, राजू पांडेय, कपिल शर्मा, रमेश वर्मा आदि का कहना है कि रोजाना दर्जनों आवारा पशु सड़क पर घूमते हैं। इसके कारण आए-दिन दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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झींझक कस्बे के मुख्य मार्ग तथा संपर्क मार्ग करियाझाला रोड, खमहैला रोड, किशौरा रोड, कंचौसी रोड आदि मार्गों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा रहता है। ग्रामीण बताते हैं कि दुपहिया वाहन चालक जैसे ही पशुओं के बीच से निकलने की कोशिश करते हैं तो अक्सर वे सींगों से टक्कर मारने दौड़ पड़ते हैं। इससे चालक बेकाबू होकर सड़क पर वाहन समेत गिर जाते हैं और घायल हो जाते हैं।
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क्षेत्र के बिन्नू सिंह, राजू पांडेय, कपिल शर्मा, रमेश वर्मा आदि का कहना है कि रोजाना दर्जनों आवारा पशु सड़क पर घूमते हैं। इसके कारण आए-दिन दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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