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सौ इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को फूड प्वाइजनिंग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Sep 2016 02:22 AM IST
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विषाक्त भोजन के शिकार छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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हाइवे किनारे स्थित प्रभात इंजीनियरिंग कालेज में बुधवार को लंच के दौरान कढ़ी चावल व सब्जी रोटी खाने के बाद करीब एक सैकड़ा से अधिक छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ गई।
इससे कालेज कैंपस में हड़कंप मच गया। आननफानन में कालेज की बस से बीमार स्टूडेंट्स को विसायकपुर स्थित राजावत हास्पिटल में भर्ती कराया गया, यहां 14 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया। डाक्टरों ने बीमारी का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया है।
घटना की जानकारी पर सीडीओ केके गुप्त, एसडीएम अकबरपुर जयनाथ और सीएमओ अनीता सिंह सीओ अकबरपुर संजीव कुमार सिन्हा, जलनिगम और खाद्य विभाग की टीम मौके पर जांच के लिए पहुंचीं।
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बुधवार को दोपहर के वक्त कुछ घंटे तक पढ़ाई के बाद छात्र-छात्राएं कालेज कैंपस में ही बने मेस में 12 बजे लंच करने पहुंचे। यहां उन्होंने कढ़ी-चावल, सब्जी रोटी खाई। इसके बाद वे क्लासरूम में चले गए। दोपहर करीब एक बजे स्टूडेंट्स की हालत बिगड़ने लगी। एक-एक कर वे कालेज के मैनेजर गौरव गुप्ता के पास पहुंचकर पेट दर्द व उबकाई आने की शिकायत करने लगे।
देखते ही देखते करीब एक सैकड़ा छात्र-छात्राएं बीमार पड़ गए तो कालेज प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आननफानन में बस में 6 को अकबरपुर व शेष को विसायकपुर स्थित राजावत हास्पिटल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद इनकी हालत में सुधार होने लगा।
वहीं हालत गंभीर होने पर छह छात्राएं व आठ छात्रों को आईसीयू में इलाज किया गया। अस्पताल के एमडी डा. प्रशांत राजावत ने बताया कि 70 से अधिक बच्चे उनके अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। देर शाम तक बीमार छात्रों के आने का क्रम चलता रहा। आईसीयू में भर्ती ऋषभ सचान, परवेश जफर की हालत गंभीर है।
अभिभावक बोले, नहीं दी कालेज वालों ने जानकारी- रनियां। कसबा कांधी निवासी अवधेश सचान ने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्हें कालेज प्रशासन ने नहीं दी थी। उनका बेटा ऋषभ सचान भी बीमार पड़ा है।
मामा मनोज कटियार ने बताया कि उनके मोबाइल पर भांजे ऋषभ की मिस्ड काल आई। तब उन्होंने कालेज के मैनेजर गौरव गुप्ता को फोन किया तो उन्होंने बताया कि बच्चे अभी सो रहे हैं। जब 15 मिनट बाद दोबारा फोन किया, तब सही बात बताई और जानकारी दी कि बच्चे राजावत हॉस्पिटल में भर्ती हैं।
उन्होंने बताया कि घटना के पांच घंटे बाद भी कालेज वालों ने कोई सूचना नहीं दी जो गलत है। अधिकारियों को भी घटना से नहीं अवगत कराया।
छात्रों को ठीक खाना नहीं मिलता- रनियां। छात्र परवेश जफर के पिता जफर हुसैन निवासी हमीरपुर ने बताया कि बच्चों की स्थिति नाजुक होने के बावजूद कालेज प्रशासन ने कोई जानकारी नहीं दी। अन्य बच्चों के जरिये जानकारी मिली तो भागकर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टूडेंट्स को ठीक खाना नहीं मिलता है। कालेज में बने कमरों की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
इलाज मिलने में लगा समय- रनियां। एक ही अस्पताल में ज्यादातर बीमार छात्रों के आ जाने से अफरातफरी मच गई। एकाएक डाक्टर व स्टाफ की पर्याप्त संख्या उपलब्ध न होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बावजूद कुछ देर तक इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा।
अचानक बच्चों की तबीयत खराब हो जाने से प्रथम दृष्टया उपचार को प्राथमिकता दी गई। यदि सारे बच्चों के परिजनों को सूचना देने के चक्कर में पड़ते तो इलाज में देरी हो जाती।- गौरव गुप्ता, मैनेजर, प्रभात इंजीनियरिंग कालेज
ये छात्र हुए बीमार- नितेश यादव, अजीत कुमार, कृष्णा, धीरज कुमार, हिमांशु, जयराम, प्रमोद, अनूप, अभिनव, रूप शिवा, सुधांशु कुमार, अर्पित यादव, सतीश, राम औतार, रीतेश, रवी कुमार, शिवम, विकास, राहुल, राजा यादव, राजा गौतम, अतुल मिश्रा, लालू कुमार, रवींद्र कुमार, राहुल, आशीष कुमार, दीपक, रवींद्र, सुजीत पटेल, रोहित नाथ आदि।
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इससे कालेज कैंपस में हड़कंप मच गया। आननफानन में कालेज की बस से बीमार स्टूडेंट्स को विसायकपुर स्थित राजावत हास्पिटल में भर्ती कराया गया, यहां 14 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया। डाक्टरों ने बीमारी का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया है।
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घटना की जानकारी पर सीडीओ केके गुप्त, एसडीएम अकबरपुर जयनाथ और सीएमओ अनीता सिंह सीओ अकबरपुर संजीव कुमार सिन्हा, जलनिगम और खाद्य विभाग की टीम मौके पर जांच के लिए पहुंचीं।
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बुधवार को दोपहर के वक्त कुछ घंटे तक पढ़ाई के बाद छात्र-छात्राएं कालेज कैंपस में ही बने मेस में 12 बजे लंच करने पहुंचे। यहां उन्होंने कढ़ी-चावल, सब्जी रोटी खाई। इसके बाद वे क्लासरूम में चले गए। दोपहर करीब एक बजे स्टूडेंट्स की हालत बिगड़ने लगी। एक-एक कर वे कालेज के मैनेजर गौरव गुप्ता के पास पहुंचकर पेट दर्द व उबकाई आने की शिकायत करने लगे।
देखते ही देखते करीब एक सैकड़ा छात्र-छात्राएं बीमार पड़ गए तो कालेज प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आननफानन में बस में 6 को अकबरपुर व शेष को विसायकपुर स्थित राजावत हास्पिटल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद इनकी हालत में सुधार होने लगा।
वहीं हालत गंभीर होने पर छह छात्राएं व आठ छात्रों को आईसीयू में इलाज किया गया। अस्पताल के एमडी डा. प्रशांत राजावत ने बताया कि 70 से अधिक बच्चे उनके अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। देर शाम तक बीमार छात्रों के आने का क्रम चलता रहा। आईसीयू में भर्ती ऋषभ सचान, परवेश जफर की हालत गंभीर है।
अभिभावक बोले, नहीं दी कालेज वालों ने जानकारी- रनियां। कसबा कांधी निवासी अवधेश सचान ने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्हें कालेज प्रशासन ने नहीं दी थी। उनका बेटा ऋषभ सचान भी बीमार पड़ा है।
मामा मनोज कटियार ने बताया कि उनके मोबाइल पर भांजे ऋषभ की मिस्ड काल आई। तब उन्होंने कालेज के मैनेजर गौरव गुप्ता को फोन किया तो उन्होंने बताया कि बच्चे अभी सो रहे हैं। जब 15 मिनट बाद दोबारा फोन किया, तब सही बात बताई और जानकारी दी कि बच्चे राजावत हॉस्पिटल में भर्ती हैं।
उन्होंने बताया कि घटना के पांच घंटे बाद भी कालेज वालों ने कोई सूचना नहीं दी जो गलत है। अधिकारियों को भी घटना से नहीं अवगत कराया।
छात्रों को ठीक खाना नहीं मिलता- रनियां। छात्र परवेश जफर के पिता जफर हुसैन निवासी हमीरपुर ने बताया कि बच्चों की स्थिति नाजुक होने के बावजूद कालेज प्रशासन ने कोई जानकारी नहीं दी। अन्य बच्चों के जरिये जानकारी मिली तो भागकर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टूडेंट्स को ठीक खाना नहीं मिलता है। कालेज में बने कमरों की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
इलाज मिलने में लगा समय- रनियां। एक ही अस्पताल में ज्यादातर बीमार छात्रों के आ जाने से अफरातफरी मच गई। एकाएक डाक्टर व स्टाफ की पर्याप्त संख्या उपलब्ध न होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बावजूद कुछ देर तक इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा।
अचानक बच्चों की तबीयत खराब हो जाने से प्रथम दृष्टया उपचार को प्राथमिकता दी गई। यदि सारे बच्चों के परिजनों को सूचना देने के चक्कर में पड़ते तो इलाज में देरी हो जाती।- गौरव गुप्ता, मैनेजर, प्रभात इंजीनियरिंग कालेज
ये छात्र हुए बीमार- नितेश यादव, अजीत कुमार, कृष्णा, धीरज कुमार, हिमांशु, जयराम, प्रमोद, अनूप, अभिनव, रूप शिवा, सुधांशु कुमार, अर्पित यादव, सतीश, राम औतार, रीतेश, रवी कुमार, शिवम, विकास, राहुल, राजा यादव, राजा गौतम, अतुल मिश्रा, लालू कुमार, रवींद्र कुमार, राहुल, आशीष कुमार, दीपक, रवींद्र, सुजीत पटेल, रोहित नाथ आदि।