{"_id":"571d1f564f1c1bf9288b560c","slug":"uncle-murder","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीन के लिए चाचा को फावड़े से काटा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जमीन के लिए चाचा को फावड़े से काटा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Apr 2016 01:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कोतवाली की पुलिस चौकी नंदना के मोमिनपुर गांव में मात्र दो बीघा कृषिभूमि के लिए भतीजे ने अपने चाचा की फावड़े से काटकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद वह मौके से भाग निकला। एसपी (ग्रामीण) एसएन तिवारी, सीओ जीतेंद्र कुमार और थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने मौका मुआयना किया। आरोपी की तलाश की लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। देर शाम तक उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोई थाने नहीं पहुंचा था।
रंगीलाल यादव (65) दो भाई थे। अविवाहित रंगीलाल के हिस्से में दो बीघा कृषिभूमि है। बुढ़ापे में उसके भतीजे सही ढंग से उसकी देखभाल नहीं कर रहे थे। महीने भर पहले भतीजे छोटकऊ सिंह उर्फ गुड्डू यादव ने उसके साथ मारपीट की थी।
दुखी होकर रंगीलाल होली पर अपने फूफा के घर अरखइया (बिधनू) चला गया था। तब से वहीं था और वहीं से उसने कुछ लोगों से अपने हिस्से की कृषि भूमि बेचने की बात चलाई थी। इसकी भनक भतीजे छोटकऊ को लगी तो वह बौखला उठा।
विज्ञापन
शनिवार की शाम उसने चाचा के पास फोन किया। कहा कि वह ट्रक चलाने जा रहा है। घर में बच्चों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है, इसलिए मोमिनपुर आ जाए। रंगीलाल ने मना किया तो उसके फूफा मंझिल सिंह यादव ने उसे समझाया और रविवार सुबह उसको मोमिनपुर लिवा लाया। दोपहर में दोनों ने एक साथ भोजन किया। फिर रंगीलाल कमरे में आराम करने के लिए लेट गया। फूफा किसी काम से बाहर चला गया।
मौका देख छोटकऊ ने चाचा पर फावड़े से ताबड़तोड़ वार कर डाला। चीखें सुनकर मोहल्ले के लोग और रंगीलाल के फूफा दौड़े आए तो छोटकऊ धमकी देता हुआ खेतों के रास्ते भाग निकला। पतारा समाचार प्रतिनिधि के अनुसार हत्या से गांव में सनसनी फैल गई। एसपी (ग्रामीण) एसएन तिवारी ने आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
रंगीलाल यादव (65) दो भाई थे। अविवाहित रंगीलाल के हिस्से में दो बीघा कृषिभूमि है। बुढ़ापे में उसके भतीजे सही ढंग से उसकी देखभाल नहीं कर रहे थे। महीने भर पहले भतीजे छोटकऊ सिंह उर्फ गुड्डू यादव ने उसके साथ मारपीट की थी।
विज्ञापन
दुखी होकर रंगीलाल होली पर अपने फूफा के घर अरखइया (बिधनू) चला गया था। तब से वहीं था और वहीं से उसने कुछ लोगों से अपने हिस्से की कृषि भूमि बेचने की बात चलाई थी। इसकी भनक भतीजे छोटकऊ को लगी तो वह बौखला उठा।
विज्ञापन
शनिवार की शाम उसने चाचा के पास फोन किया। कहा कि वह ट्रक चलाने जा रहा है। घर में बच्चों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है, इसलिए मोमिनपुर आ जाए। रंगीलाल ने मना किया तो उसके फूफा मंझिल सिंह यादव ने उसे समझाया और रविवार सुबह उसको मोमिनपुर लिवा लाया। दोपहर में दोनों ने एक साथ भोजन किया। फिर रंगीलाल कमरे में आराम करने के लिए लेट गया। फूफा किसी काम से बाहर चला गया।
मौका देख छोटकऊ ने चाचा पर फावड़े से ताबड़तोड़ वार कर डाला। चीखें सुनकर मोहल्ले के लोग और रंगीलाल के फूफा दौड़े आए तो छोटकऊ धमकी देता हुआ खेतों के रास्ते भाग निकला। पतारा समाचार प्रतिनिधि के अनुसार हत्या से गांव में सनसनी फैल गई। एसपी (ग्रामीण) एसएन तिवारी ने आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।