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देहात का बान अब बिधूना का बनेगा हिस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Sep 2016 02:48 AM IST
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राजस्व ग्राम बान का प्राथमिक स्कूल।
- फोटो : अमर उजाला
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डेरापुर तहसील स्थित राजस्व ग्राम बान अब औरैया जिले की बिधूना तहसील का जल्द ही हिस्सा होगा। राजस्व ग्राम व शामिल मजरों के करीब 4300 मतदाता औरैया जिले में शामिल हो जाएंगे। आयुक्त एवं सचिव (राजस्व परिषद) ने इस संबंध में कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी कानपुर देहात और औरैया को निर्देश जारी किए हैं।
बताते चलें कि कानपुर देहात व औरैया जिले की सीमा पर स्थित राजस्व ग्राम बान व उसके पांच मजरे अभी तक डेरापुर तहसील में शामिल हैं। बीते दिनों राजस्व ग्राम बान को औरैया जिले की बिधूना तहसील में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया था।
आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद धीरज साहू ने दोनों जिलों के डीएम व आयुक्त कानपुर मंडल को निर्देश जारी किए हैं। जिसके अनुसार राजस्व ग्राम/राजस्व क्षेत्र की सीमाओं में परिवर्तन के लिए आपत्तियां मांगी जाएंगी। नोटिफिकेशन जारी होगा।
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राजस्व गांव बान के औरैया जिले में जोड़े जाने से उससे जुड़े मजरे चिता का पुरवा, घनश्याम पुरवा, कमलापत का पुरवा, कंचौसी आंशिक व बम्हईया गांव भी औरैया में शामिल हो जाएंगे। उपजिलाधिकारी डेरापुर सुरजीत सिंह ने बताया कि राजस्व ग्राम के क्षेत्र में आने वाले मजरे भी दूसरे जिले में शामिल किए जाएंगे।
तहसील से दूरी सहित अन्य समस्याओं के चलते गांववासियों की मांग के चलते राजस्व गांव को दूसरे जिले में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से स्वीकृति मिलने व अन्य कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद राजस्व ग्राम व उससे जुड़े मजरों के अभिलेख पूर्व की तहसील से औरैया की संबंधित तहसील में भेज दिए जाएंगे। - शिवशंकर गुप्ता (अपर जिलाधिकारी प्रशासन कानपुर देहात)
गांववासियों की समस्याओं के चलते हुआ प्रस्ताव- गांव बान समेत मजरों की दूरी माती मुख्यालय से 50 किलोमीटर है। जबकि औरैया शहर से इन गांवों की दूरी 28 किलोमीटर दूरी है। गांववासियों की अधिकांश जमीन बिधूना तहसील के अंतर्गत आती हैं। गांववासियों को खेती-बाड़ी समेत अन्य सरकारी योजनाओं, अनुदान आदि के लिए परेशान होना पड़ रहा था। इन गांवों के वाशिंदों को सहूलियत मिलेगी।
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बताते चलें कि कानपुर देहात व औरैया जिले की सीमा पर स्थित राजस्व ग्राम बान व उसके पांच मजरे अभी तक डेरापुर तहसील में शामिल हैं। बीते दिनों राजस्व ग्राम बान को औरैया जिले की बिधूना तहसील में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया था।
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आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद धीरज साहू ने दोनों जिलों के डीएम व आयुक्त कानपुर मंडल को निर्देश जारी किए हैं। जिसके अनुसार राजस्व ग्राम/राजस्व क्षेत्र की सीमाओं में परिवर्तन के लिए आपत्तियां मांगी जाएंगी। नोटिफिकेशन जारी होगा।
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राजस्व गांव बान के औरैया जिले में जोड़े जाने से उससे जुड़े मजरे चिता का पुरवा, घनश्याम पुरवा, कमलापत का पुरवा, कंचौसी आंशिक व बम्हईया गांव भी औरैया में शामिल हो जाएंगे। उपजिलाधिकारी डेरापुर सुरजीत सिंह ने बताया कि राजस्व ग्राम के क्षेत्र में आने वाले मजरे भी दूसरे जिले में शामिल किए जाएंगे।
तहसील से दूरी सहित अन्य समस्याओं के चलते गांववासियों की मांग के चलते राजस्व गांव को दूसरे जिले में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से स्वीकृति मिलने व अन्य कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद राजस्व ग्राम व उससे जुड़े मजरों के अभिलेख पूर्व की तहसील से औरैया की संबंधित तहसील में भेज दिए जाएंगे। - शिवशंकर गुप्ता (अपर जिलाधिकारी प्रशासन कानपुर देहात)
गांववासियों की समस्याओं के चलते हुआ प्रस्ताव- गांव बान समेत मजरों की दूरी माती मुख्यालय से 50 किलोमीटर है। जबकि औरैया शहर से इन गांवों की दूरी 28 किलोमीटर दूरी है। गांववासियों की अधिकांश जमीन बिधूना तहसील के अंतर्गत आती हैं। गांववासियों को खेती-बाड़ी समेत अन्य सरकारी योजनाओं, अनुदान आदि के लिए परेशान होना पड़ रहा था। इन गांवों के वाशिंदों को सहूलियत मिलेगी।