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जाम से निपटने के लिए अधिकारियों ने कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jan 2018 12:52 AM IST
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डीएम से गुहार करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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घाटमपुर के मुख्य चौराहे पर लगने वाले जाम की लाइलाज बन चुकी समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों ने कवायद शुरू कर दी है। मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर आए कमिश्नर और आईजी ने इस बारे में डीएम और अन्य अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। इसके बाद आज से ही चारों मार्गों पर आरटीओ की चेकिंग तेज करने और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रपति से सम्मानित कसबे के समाजसेवी डा. रामकिशन गुप्ता और लायर्स एसोसिएशन (घाटमपुर) के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट कुलदीप सिंह परमार की अगुवाई में कसबे के वरिष्ठ नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर कसबे में दिनभर लगने वाले जाम और ओवरलोड वाहनों की समस्या पर उनका ध्यान आकृष्ट कराया। प्रतिनिधि मंडल में बुजुर्ग कांग्रेसी नेता शिवदुलारे बाजपेई और मनबोधन सिंह भी शामिल रहे।
बताया कि जाम से स्कूली बच्चों, वृद्धों, महिलाओं और आम आदमी को भारी समस्या है। वहीं, जाम में फंसकर यात्री घंटों परेशान होते हैं। बताया कि हालात यह हैं कि जाम में एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन भी फंसे रहते हैं। वहीं, कसबे का व्यापार भी चौपट हो गया है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सुझाव दिया कि स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय चारों मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का आवागमन रोका जाए जबकि, मुख्य चौराहे पर यातायात पुलिस की तैनाती की जाए।
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इधर, बीते कई महीने से जाम की समस्या पर गंभीर जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने संपूर्ण समाधान दिवस में आरटीओ को भी बुलवा लिया। मंडलायुक्त और आईजी के आने के बाद इस विषय पर अधिकारियों ने मंत्रणा की। और इसके तत्काल बाद ही कार्रवाई भी शुरू करवा दी। जिसके तहत कसबे के मूसानगर रोड, जहानाबाद रोड और हमीरपुर रोड पर टोल प्लाजा (अलियापुर-सजेती) के निकट सघन चेकिंग और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करवाई है। इधर, कार्रवाई की भनक लगते ही ओवरलोड वाहन सीमा से पहले ही खड़े हो गए।
अन्ना पशुओं की समस्या पर चिंता
संपूर्ण समाधान दिवस में आए जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने अन्ना मवेशियों की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने एसडीएम और राजस्व कर्मचारियों से गांवों के चरागाहों को अतिशीघ्र कब्जा मुक्त करवाने, माडल चरागाहों का निर्माण कराने और पड़ोसी जिलों (बुंदेलखंड) से अन्ना मवोशियों (गोवंश) को यमुना के इस पार खदेड़े जाने पर सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सीओ आरके चतुर्वेदी, घाटमपुर कोतवाल देवेंद्र कुमार दुबे और सजेती थानाध्यक्ष लोकेंद्रपाल सिंह को उसपार से खदेड़े जाने वाले अन्ना मवेशियों की आमद पर रोक लगाने के उपाय करने को कहा।
भूमि विवाद सुलझाने को संयुक्त टीमें
संपूर्ण समाधान दिवस में भूमि विवादों की शिकायतों की भरमार पर डीएम ने पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसी कड़ी में समाधान दिवस के बाद रेउना क्षेत्र के सरैयां गांव में जिला विकास अधिकारी की मौजूदगी में चौपाल लगाने को भी कहा। बताया कि 04 और 05 जनवरी को नोडल अधिकारी मुकुल सिंहल का दो दिवसीय कानपुर प्रवास है और वह किसी भी तहसील क्षेत्र में निरीक्षण कर सकते हैं।
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि भूमि विवाद के सबसे अधिक 15 मामले हथेही गांव के हैं। जबकि, दहेली, टिकवांपुर, लहुरीमऊ, साखा-जनवारा और रामसारी गांवों के भी कुछ मामले हैं। बताया कि इन गावों में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के साथ पुलिस की टीम विवाद सुलझाएगी। बताया कि भूमि विवाद सुलझाने के लिए 01 जनवरी से 01 मार्च के बीच विशेष अभियान भी चलाया जाना है। बताया कि डीएम ने भूमि विवादों को गंभीरता से निपटाने और गांव समाज की परिसंपत्तियों पर अवैध कब्जे हटवाने पर विशेष जोर दिया है। विवाद निस्तारण पर दोनों पक्षों और गवाहों के हस्ताक्षर भी करवाए जाने हैं। जबकि, निस्तारण कार्रवाई की वीडीओग्राफी भी कराने के निर्देश हैं।
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राष्ट्रपति से सम्मानित कसबे के समाजसेवी डा. रामकिशन गुप्ता और लायर्स एसोसिएशन (घाटमपुर) के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट कुलदीप सिंह परमार की अगुवाई में कसबे के वरिष्ठ नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर कसबे में दिनभर लगने वाले जाम और ओवरलोड वाहनों की समस्या पर उनका ध्यान आकृष्ट कराया। प्रतिनिधि मंडल में बुजुर्ग कांग्रेसी नेता शिवदुलारे बाजपेई और मनबोधन सिंह भी शामिल रहे।
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बताया कि जाम से स्कूली बच्चों, वृद्धों, महिलाओं और आम आदमी को भारी समस्या है। वहीं, जाम में फंसकर यात्री घंटों परेशान होते हैं। बताया कि हालात यह हैं कि जाम में एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन भी फंसे रहते हैं। वहीं, कसबे का व्यापार भी चौपट हो गया है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सुझाव दिया कि स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय चारों मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का आवागमन रोका जाए जबकि, मुख्य चौराहे पर यातायात पुलिस की तैनाती की जाए।
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इधर, बीते कई महीने से जाम की समस्या पर गंभीर जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने संपूर्ण समाधान दिवस में आरटीओ को भी बुलवा लिया। मंडलायुक्त और आईजी के आने के बाद इस विषय पर अधिकारियों ने मंत्रणा की। और इसके तत्काल बाद ही कार्रवाई भी शुरू करवा दी। जिसके तहत कसबे के मूसानगर रोड, जहानाबाद रोड और हमीरपुर रोड पर टोल प्लाजा (अलियापुर-सजेती) के निकट सघन चेकिंग और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करवाई है। इधर, कार्रवाई की भनक लगते ही ओवरलोड वाहन सीमा से पहले ही खड़े हो गए।
अन्ना पशुओं की समस्या पर चिंता
संपूर्ण समाधान दिवस में आए जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने अन्ना मवेशियों की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने एसडीएम और राजस्व कर्मचारियों से गांवों के चरागाहों को अतिशीघ्र कब्जा मुक्त करवाने, माडल चरागाहों का निर्माण कराने और पड़ोसी जिलों (बुंदेलखंड) से अन्ना मवोशियों (गोवंश) को यमुना के इस पार खदेड़े जाने पर सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सीओ आरके चतुर्वेदी, घाटमपुर कोतवाल देवेंद्र कुमार दुबे और सजेती थानाध्यक्ष लोकेंद्रपाल सिंह को उसपार से खदेड़े जाने वाले अन्ना मवेशियों की आमद पर रोक लगाने के उपाय करने को कहा।
भूमि विवाद सुलझाने को संयुक्त टीमें
संपूर्ण समाधान दिवस में भूमि विवादों की शिकायतों की भरमार पर डीएम ने पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसी कड़ी में समाधान दिवस के बाद रेउना क्षेत्र के सरैयां गांव में जिला विकास अधिकारी की मौजूदगी में चौपाल लगाने को भी कहा। बताया कि 04 और 05 जनवरी को नोडल अधिकारी मुकुल सिंहल का दो दिवसीय कानपुर प्रवास है और वह किसी भी तहसील क्षेत्र में निरीक्षण कर सकते हैं।
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि भूमि विवाद के सबसे अधिक 15 मामले हथेही गांव के हैं। जबकि, दहेली, टिकवांपुर, लहुरीमऊ, साखा-जनवारा और रामसारी गांवों के भी कुछ मामले हैं। बताया कि इन गावों में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के साथ पुलिस की टीम विवाद सुलझाएगी। बताया कि भूमि विवाद सुलझाने के लिए 01 जनवरी से 01 मार्च के बीच विशेष अभियान भी चलाया जाना है। बताया कि डीएम ने भूमि विवादों को गंभीरता से निपटाने और गांव समाज की परिसंपत्तियों पर अवैध कब्जे हटवाने पर विशेष जोर दिया है। विवाद निस्तारण पर दोनों पक्षों और गवाहों के हस्ताक्षर भी करवाए जाने हैं। जबकि, निस्तारण कार्रवाई की वीडीओग्राफी भी कराने के निर्देश हैं।