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बरेली में 3 बहनों के साथ सामूहिक बलात्कार

Wed, 13 Mar 2013 11:37 PM IST
बरेली/इंटरनेट डेस्क
बरेली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 13 Mar 2013 11:37 PM IST
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Gang rape of three sisters in Bareilly

यूपी के बरेली में तीन युवतियों से गैंगरेप किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मीरगंज क्षेत्र के एक भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर की तीन बेटियों के साथ कुछ युवकों ने सामूहिक बलात्कार किया है। मामले की जानकारी मिलते ही अफसरों में हड़कंप मच गया है।

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बलात्कार के मामलों में यूपी दूसरे स्थान पर
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि भारत में प्रतिदिन लगभग 50 बलात्कार के मामले थानों में पंजीकृत होते हैं। इस प्रकार भारतभर में प्रत्येक घंटे दो महिलाएं बलात्कारियों के हाथों अपनी अस्मत गंवा देती हैं, लेकिन आंकड़ों की कहानी पूरी सच्चाई बयां नहीं करती। बहुत सारे मामले ऐसे हैं, जिनकी रिपोर्ट ही नहीं हो पाती।
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बलात्कार के दर्ज मामलों में उत्तर प्रदेश (1,088) दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश जहां 1,262 मामलों के साथ पहले नंबर पर है, वहीं महाराष्ट्र (818) मामलों के साथ तीसरे नंबर पर है। इन तीनों प्रदेशों के आंकड़े मिला दिए जाएं तो देश में दर्ज बलात्कार के कुल मामलों का 44.5 प्रतिशत इन्हीं तीनों राज्यों में दर्ज किया गया। यह आंकड़ा राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो का है।
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2007 से 2011 की अवधि के दौरान अर्थात चार साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस मामले में दिल्ली नंबर वन रही। एनसीबी के आंकड़ों के मुताबिक देश की राजधानी लगातार चौथे साल बलात्कार के मामले में सबसे आगे है। आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में साल 2011 में रेप के 568 मामले दर्ज हुए, जबकि मुंबई में 218 मामले दर्ज हुए।

रिपोर्ट के मुताबिक 2007 से 2008 के बीच 18 से 30 की उम्र के करीब 57,257 लोगों को गिरफ्तार किया गया। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा यह आंकड़े सिर्फ महिला अत्याचार के आधार पर जारी किए गए हैं।

‘विश्व स्वास्थ संगठन के एक अध्ययन के अनुसार, 'भारत में प्रत्येक 54वें मिनट में एक औरत के साथ बलात्कार होता है।’ वहीं महिलाओं के विकास के लिए केंद (सेंटर फॉर डेवलॅपमेंट ऑफ वीमेन) अनुसार, ‘भारत में प्रतिदिन 42 महिलाएं बलात्कार का शिकार बनती हैं। इसका अर्थ है कि प्रत्येक 35वें मिनट में एक औरत के साथ बलात्कार होता है।’

रेप के मामलों की जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ऐसे अधिकतर मामलों में आरोपी को पीड़िता के बारे में जानकारी होती है। यह एक सामाजिक समस्या है और ऐसे अपराधों पर नकेल कसने के लिए रणनीति बनाना असंभव है।

अधिकारियों की मानें तो इनमें से अधिकांश मामले बेहद तकनीकी होते हैं। अक्सर ऐसे अपराध दोस्तों या रिश्तेदारों द्वारा किए जाते हैं, जो पीड़िता को झूठे वादे कर बहलाते हैं, फिर गलत काम करते हैं। कई बार ऐसे अपराध अज्ञात लोग करते हैं और पुलिस की पहुंच से आसानी से बच निकलते हैं। हालांकि कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि इसमें पीड़िता की रजामंदी होती है। उसे इस बात के लिए रजामंद कर लिया जाता है।


सर्वोच्च न्यायालय का कहना है कि बलात्कार से पीड़ित महिला बलात्कार के बाद स्वयं अपनी नजरों में ही गिर जाती है, और जीवनभर उसे उस अपराध की सजा भुगतनी पड़ती है, जिसे उसने नहीं किया।
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