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नाखून उखाड़े और खून से चिट्ठी लिख मांगी फिरौती
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jun 2013 11:56 AM IST
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एक प्रेमी जोड़ा शादी करने के लिए घर से फरार हुआ लेकिन उसके दोस्त ने तीन साथियों के साथ मिलकर उन्हें अगवा कर लिया। एक खाली मकान में सात दिनों तक उन्हें बंधक बनाए रखा।
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इस दौरान प्रेमी जोड़े को नशीले इंजेक्शन दिए गए और 15 लाख रुपये की फिरौती के लिए उनके खून से पत्र लिखा।
इतना ही नहीं, उनके नाखून भी उखाड़ दिए। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और प्रेमी युगल को मुक्त कराया गया।
इलाहाबाद के कालिंदीपुरम में रहने वाली अर्चना देवी (बदला हुआ नाम) के घर उनका रिश्तेदार अमित राज उर्फ सूरज रह रहा था। अमित रेलवे कॉलोनी लहरतारा वाराणसी के रहने वाले रेलकर्मी श्याम कुमार का बेटा है।
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अमित और अर्चना की बेटी सुमन (बदला हुआ नाम) एक दूसरे से प्यार करते हैं। शादी करने के लिए वे 22 मई को घर से भाग गए।
एसएसपी मोहित अग्रवाल के मुताबिक, अमित ने सुमन को रखने के लिए अपने दोस्त प्रीतम त्रिपाठी से मदद मांगी। उसने अपने दोस्त और उसकी प्रेमिका के अपहरण की साजिश रच डाली।
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उसने अपने तीन दोस्तों को बुलाया और एक खाली मकान में अमित और सुमन को बंधक बना लिया। असलहों से डराने धमकाने के बाद वे अमित और सुमन को सुबह-शाम इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर देते थे।
युवकों ने छात्रा के मोबाइल से अमित के पिता को फोन कर 15 लाख की फिरौती मांगी। डराने के लिए अमित का नाखून तक उखाड़ लिया। उसे लोहे के रॉड से जलाया भी गया।
अपहरणकर्ताओं ने अमित की उंगली काटकर उसके खून से फिरौती का पत्र लिखा और वाराणसी में उसके घर भेज दिया।
एसएसपी के निर्देश पर एसओ धूमनगंज धर्मेन्द्र प्रताप सिंह और क्राइम ब्रांच प्रभारी मनोज रघुवंशी लोकेशन ट्रेस करने में जुट गए। शुक्रवार की दोपहर पुलिस ने बद्री आवास योजना स्थित एक रेलकर्मी के मकान में छापामारी कर अमित और सुमन को मुक्त करा लिया।
चारों अपहरणकर्ता भी मुठभेड़ के दौरान गिरफ्त में आ गए।