{"_id":"1f6e22b8-e2e9-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"fresh-law-to-protect-historical-monuments","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरोहरों को बचाने के लिए नया कानून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरोहरों को बचाने के लिए नया कानून
लखनऊ/ इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 02 Jul 2013 12:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक इमारतों को बचाने के लिए नया कानून बनाए जाने की तैयारी है। इसकी जिम्मेदारी आवास और पुरातत्व विभाग को दी गई है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस पर काम भी शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
बनेगा मॉडल रेगुलेशन फॉर हेरिटेज एक्ट
दोनों विभाग मिलकर मॉडल रेगुलेशन फॉर हेरिटेज एक्ट बनाएंगे। इस एक्ट में ऐतिहासिक इमारतों के आसपास अवैध कब्जा प्रतिबंधित होने के साथ ही पॉलीथिन की बिक्री पर रोक की व्यवस्था होगी। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में पिछले दिनों आयोजित बैठक में सूबे के ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और उसके रख-रखाव को लेकर नया कानून बनाने पर विचार-विमर्श हुआ था।
विज्ञापन
इमारतों के संरक्षण पर होगा जोर
इसके लिए आवास और पुरातत्व विभाग को अधिकृत किया गया है। नए कानून में ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण पर विशेष जोर होगा। खास तौर पर ऐसी इमारतों के आसपास न तो अवैध निर्माण हो सकेंगे और न ही मलिन बस्तियां बस पाएंगी। इमारतों से सटकर दुकानें भी नहीं खोली जा सकेंगी। इमारतों को संरक्षित करने के लिए हेरिटेज समिति और हेरिटेज फंड का गठन भी किया जाएगा।
विज्ञापन
आवास और पुरातत्व विभाग को इसका ड्राफ्ट जल्द बनाकर देने को कहा गया है।